पापा के साथ परवाज, बाप-बेटी की जोड़ी ने एक साथ Indian Air Force का फाइटर जेट उड़ा कर रचा इतिहास

फ्लाइंग ऑफिसर अनन्या ने भारतीय वायुसेना को 2021 में ज्वाइन किया, जबकि उनके पिता एयर कमोडोर संजय शर्मा 1989 में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे. उन्हें मिग-21 स्क्वाड्रन के साथ-साथ फ्रंटलाइन फाइटर स्टेशन की कमान संभालने के साथ लड़ाकू ऑपरेशंस का काफी अनुभव रहा है.

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एक साथ फाइटर प्लेन उड़ाने का इतिहास रचने वाले एयर कोमोडोर संजय शर्मा और अपनी बेटी फ्लाइंग ऑफिसर अनन्या शर्मा. एक साथ फाइटर प्लेन उड़ाने का इतिहास रचने वाले एयर कोमोडोर संजय शर्मा और अपनी बेटी फ्लाइंग ऑफिसर अनन्या शर्मा.

अभिषेक भल्ला / मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 05 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 8:19 AM IST
  • कर्नाटक के बीदर में कारनामे को दिया अंजाम
  • अब तक IAF में किसी बाप-बेटी ने साथ नहीं उड़ाया फाइटर प्लेन

कर्नाटक के बीदर में एक पिता और बेटी ने एक साथ फाइटर प्लेन उड़ाकर इतिहास रच दिया. भारतीय वायुसेना के इतिहास में इससे पहले आज तक किसी पिता ने अपनी बेटी के साथ एकसाथ लड़ाकू विमान नहीं उड़ाया है.

ये करनामा एयर कोमोडोर संजय शर्मा और अपनी बेटी फ्लाइंग ऑफिसर अनन्या शर्मा ने कर दिखाया है. पिता ने बेटी के साथ लड़ाकू हॉक-132 प्लेन उड़ाया है. फ्लाइंग ऑफिसर अनन्या ने भारतीय वायुसेना को 2021 में ज्वाइन किया, जबकि उनके पिता एयर कमोडोर संजय शर्मा 1989 में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे. उन्हें मिग-21 स्क्वाड्रन के साथ-साथ फ्रंटलाइन फाइटर स्टेशन की कमान संभालने के साथ लड़ाकू ऑपरेशंस का काफी अनुभव रहा है.

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अनन्या ने बताया कि उन्होंने बचपन से अपने पिता को भारतीय वायुसेना (IAF) में फाइटर पायलट के तौर पर देखा. वायुसेना के माहौल में पलने-बढ़ने के कारण अनन्या ने कभी दूसरे किसी प्रोफेशन के बारे में कभी नहीं सोचा. 2016 में IAF की पहली महिला फाइटर पायलट को देखने के बाद अनन्या को अपना सपना पूरा होता दिखा. 

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन से बीटेक पूरा करने के बाद अनन्या IAF के फ्लाइंग ब्रांच की ट्रेनिंग के लिए चुन ली गईं. फाइटर पायलट के तौर पर अनन्या ने दिसंबर 2021 में वायुसेना ज्वाइन की. पिता और बेटी ने 30 मई 2022 को फाइटर प्लेन उड़ाया है. 

फ्लाइंग ऑफिसर अनन्या शर्मा स्नातक होने से पहले भारतीय वायुसेना के तेज और बेहतर लड़ाकू विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण ले रही हैं. IAF में ऐसा अब तक नहीं हुआ, जब एक पिता और बेटी एक मिशन के लिए एक ही फाइटर फॉर्मेशन का हिस्सा रहे.

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'दिशा' ने भी ट्वीट कर दी बधाई

भारत में युवाओं को वायुसेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करने वाली संस्था दिशा ने ट्वीट किया. पिता सिर्फ साधारण व्यक्ति हैं, जो प्यार के लिए नायक, साहसी, कहानीकार और जीवन के लिए एक प्रेरणा बन जाते हैं. आइए आज उन पिताओं को के लिए खुशी मनाएं, जो हमें हमेशा हमारे जीवन में सही रास्ते पर ले जाते हैं. यहाँ एक अविश्वसनीय पिता-पुत्री की जोड़ी है, जिसने हमें प्रेरित किया.

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