ओडिशा के बरहामपुर (Brahmapur) में बेहद फिल्मी अंदाज में अस्पताल पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने मरीज बनकर मेडिकल माफियाओं को धर दबोचा. पुलिस को महाराजा कृष्णा चंद्र गजपति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एमकेसीजी) के कई विभागों में बिचौलियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शिकायत थी कि ये मेडिकल दलाल मरीजों के रिश्तेदारों को निजी अस्पताल से इलाज कराने के लिए कंविंस करते थे. इसके लिए कुछ बिचौलिए बेड से लेकर सीटी स्कैन तक लगभग हर चीज पर मोटी रकम वसूलते थे. मरीजों और उनके रिश्तेदार इलाज के नाम पर इन बिचौलियों को मोटी रकम भी देते थे.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिचौलियों की यह हरकतें कई प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आम है, जहां इन बिचौलियों की कुछ निजी अस्पतालों से सांठगांठ हैं. एक तरफ जहां मरीजों को इलाज के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है या फिर ऑपरेशन के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है. वहीं, इन बिचौलियों को मोटी रकम देकर लोग आसानी से इलाज करा लेते हैं.
छह आरोपी गिरफ्तार
बरहामुर पुलिस के एसपी सर्वना एम विवेक ने कहा कि बीते कुछ दिनों से लोगों और एमकेसीजी आने वाले मरीजों से लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ दलाल इलाज के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों को बाहरी लैब, स्कैन सेंटर्स, मेडिकल स्टोर्स और यहां तक कि अन्य अस्पताल ले जाते हैं और इसके एवज में उनसे कमाई करते हैं.
एसपी ने बताया कि इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. जांच जारी है. दलालों पर नजर रखने के लिए पुलिस की टीम तैनात की गई है.
इन शिकायतों के बाद पुलिस एक्शन में आ गई और 15 पुलिसकर्मियों की एक टीम गठित की. सादे कपड़ों में तैनात इन पुलिसकर्मियों ने मरीज बनकर बिचौलियों की तलाश में अस्पताल के ओपीडी काउंटर्स, पैथोलॉजी लैब, रेडियोलॉजी विभागों के चक्कर लगाए.
पुलिस टीम ने मरीजों को झांसा दे रहे छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. ये मेडिकल दलाल एमकेसीएच आने वाले मरीजों को निजी क्लीनिक और अस्पतालों में इलाज का झांसा दे रहे थे.
पुलिस का कहना है कि ये मेडिकल बिचौलिए लोगों को यह कहकर गुमराह करते थे कि बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है.
मोहम्मद सूफ़ियान