तमिलनाडु में कल्लाकुरिची से डीएमके के सांसद गौतम सिगमनी और राज्य सरकार की मदद से 11 महीने के एक बच्चे को दुबई से उसके पिता के पास वापस लाया गया है. यह बच्चा अपनी मां भारती के साथ दुबई गया था. उसकी मां काम करने के लिए दुबई गई थीं, लेकिन दुर्भाग्य से वहां पहुंचने के तुरंत बाद कोरोना पॉजिटिव हो गईं. कुछ दिनों के इलाज के बाद उनका निधन हो गया.
38 वर्षीय भारती की शादी वेलावन नामक शख्स से हुई थी. परिवार के खर्चे पूरे करने के लिए भारती दुबई गई थीं, जहां पर वह नौकरी करती थीं. भारती के तीन बच्चे थे, जिनके नाम विघ्नेश्वरन (12 साल) अखिलन (7 साल) और देवेश (11 महीने) है. 3 लड़कों में से सबसे बड़े बच्चे की किडनी खराब होने के बाद से परिवार संघर्ष कर रहा था.
वेलावन ने बीए तक की पढ़ाई की थी और वह परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई काम भी कर रहे हैं. भारती भी साल 2017 और 2018 के दौरान घरेलू सहायिका के रूप में वहां गई हुई थीं, लेकिन बाद में कोविड के चलते वापस भारत लौट आई थीं.
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बड़े बेटे की मौत के बाद दुबई लौटीं
हाल ही में जब किडनी की समस्या के कारण बड़े बेटे की मृत्यु हो गई, तो भारती सबसे छोटे बच्चे के साथ दुबई वापस चली गईं. इसी दौरान, वह कोरोना संक्रमित हो गईं और इलाज के लिए रशीद अस्पताल में भर्ती करवाया गया.
कुछ दिनों के बाद भारती की वायरस के चलते मौत हो गई. इसके बाद से ही 11 महीने का बच्चा वहां बिना किसी रिश्तेदार के फंस गया था. भारती के निधन के बाद उसके सहयोगी ने दुबई में डीएमके के एसएस मोहम्मद मीरन से संपर्क किया.
मोहम्मद ने कल्लाकुरिची के सांसद गौतम सिगमनी से संपर्क करने में मदद की और फिर उन्होंने बच्चे को परिवार के पास भारत वापस लाने में मदद की.
वेलावन ने कहा, "मेरी पत्नी हमारे आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से वहां गई थीं. मैंने अपनी पत्नी को खो दिया. डीएमके सांसद गौतम और सीएम एमके स्टालिन ने मेरे बच्चे को वापस लाने में मदद की. साथ ही सांसद गौतम ने वादा किया है कि वे मेरे बच्चे की शिक्षा का ध्यान रखेंगे." वहीं, कोरोना की वजह से निधन होने के बाद भारती का दुबई में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया था.
अक्षया नाथ