सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें फेसबुक लाइव के दौरान ही मुंबई में मौरिस नोरोन्हा नाम के शख्स ने शिवसेना नेता अभिषेक घोसालकर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी जिससे उनकी मौत हो गई.
इसके बाद खुद को समाजसेवी और नेता बताने वाले मौरिस नोरोन्हा ने भी खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी. कत्ल और आत्महत्या की ये घटना मुंबई के दहेसर इलाके में हुई है.
इस हत्याकांड में मारे गए अभिषेक घोसालकर राजनीति से जुड़े थे और शिवसेना UBT गुट के नेता थे. बता दें कि मौरिस नोरोन्हा बोरीवली पश्चिम आईसी कॉलोनी में रहते थे. मौरिस भी खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते रहे थे और चुनाव लड़ना चाहते थे.
सोशल मीडिया पर उन्होंने पॉलिटिशियन के साथ कई तस्वीरें शेयर की हैं. अभिषेक और मौरिस के ऑफिस अगल-बगल थे. अब मौरिस नोरोन्हा के बारे में जो जानकारी सामने आई है वो हैरान करने वाली है.
मौरिस भाई के नाम से था सोशल मीडिया अकाउंट
मौरिस नोरोन्हा सोशल मीडिया पर मौरिस भाई के नाम से चर्चित था और वो बीएमसी का चुनाव लड़ना चाहता था. मौरिस इसके लिए अपना प्रचार प्रसार भी कर रहा था और उसके फेसबुक आईडी पर कैंपेन और उसकी तस्वीर वाले कई होर्डिंग्स मुंबई की सड़कों पर नजर आ रहे हैं.
मौरिस भाई मुंबई में बड़ा नेता बनने की कोशिश में जुटे हुए थे. यही वजह है कि वो ना सिर्फ कांग्रेस बल्कि बीजेपी और तमाम दलों के बड़े नेताओं को जन्मदिन की बधाई देते बल्कि उनके फैसलों या टिप्पणियों को सोशल मीडिया पर शेयर करते थे. उनके सोशल मीडिया पर राहुल गांधी से लेकर पीएम मोदी और अजीत पवार से लेकर नीलेश राणे तक की तारीफ में पोस्ट देखे जा सकते हैं. मौरिस भाई अपने पोस्टर्स में खुद को दानवीर भी बताते थे.
बता दें कि अभिषेक घोषालकर और मौरिस भाई ने फेसबुक लाइव यह स्पष्ट करने के लिए था कि वे बोरीवली में आईसी कॉलोनी क्षेत्र की बेहतरी के लिए अपने आपसी विवाद को खत्म करके दोनों एक साथ आए हैं. इसी दौरान मौरिस भाई ने अभिषेक पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दी थी और फिर बाद में खुद को भी गोली मार ली. दोनों की ही मौत हो चुकी है.
दोनों के बीच पहले से थी दुश्मनी
फेसबुक लाइव' के दौरान सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे का असली सच क्या है इसी बात का पता लगाने के लिए मुंबई पुलिस की अपराध शाखा को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. 40 साल के अभिषेक दहिसर इलाके के पूर्व विधायक विनोद घोसालकर के बेटे और पूर्व पार्षद थे. सबसे खास बात ये है कि विनोद और उनका बेटा अभिषेक दोनों ही उद्धव ठाकरे के बेहद नजदीकी थे.
बताया यही जा रहा है कि मौरिस भाई और अभिषेक के बीच पिछले दिनों समझौता हो गया था और इसी समझौते के बाद ही गुरुवार की रात मॉरिस के बुलाने पर अभिषेक घोषालकर उसके ऑफिस आए थे.
दोहरे मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
इस दोहरे मौत को लेकर कहा जा रहा है कि इस हत्याकांड की वजह मौरिस भाई और अभिषेक घोसालकर के बीच निजी दुश्मनी थी. ये भी कहा जा रहा है कि पिछले साल मॉरिस को अभिषेक घोसालकर ने ही जेल भिजवाया था, और इसी बात को लेकर दोनों में दुश्मनी बढ़ गई थी जिससे वजह से मौरिस ने उसे गोली मार दी.
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