महाराष्ट्र के नवी मुंबई में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर एक कारोबारी से 2 करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है. इस घटना को लेकर पुलिस ने मंगलवार को बताया कि नवी मुंबई में एक व्यक्ति ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर 42 वर्षीय कारोबारी से 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है.
नवी मुंबई के नेरुल के रहने वाले पीड़ित को COVID-19 महामारी के दौरान कारोबारी घाटा हुआ था. नेरुल पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा कि जनवरी 2021 में कारोबारी मुंबई के परेल में रहने वाले आरोपी के संपर्क में आया जिसने खुद को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय में एक उच्च अधिकारी के रूप में पेश किया था.
धोखेबाज ने पीड़ित को कर्ज दिलाने का वादा किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि उसके एक बैंक के सीईओ के साथ अच्छे संबंध हैं. उन्होंने कर्ज लेने के लिए कोई संपत्ति गिरवी रखने का प्रस्ताव रखा. पीड़ित ने उन्हें बताया कि उसके पास गिरवी रखने के लिए कोई संपत्ति नहीं है.
इसके बाद आरोपी ने उसे एक अन्य व्यक्ति के बारे में बताया जो कर्ज लेना चाहता था. फर्जीवाड़ा करने वाले ने कारोबारी से कहा कि दूसरा व्यक्ति अपनी संपत्ति गिरवी रख सकता है और उसके बाद लोन के रूप में मिले पैसों को समान रूप से दोनों में वितरित कर दिया जाएगा.
अधिकारी ने कहा, ऑफर के लालच में आकर पीड़ित महिला कारोबारी ने पुणे मेट्रो परियोजना के लिए तेलंगाना के एक ठेकेदार से मिले 2 करोड़ रुपये धोखेबाज को दे दिए. उन्होंने कहा, जब पीड़िता ने कर्ज मांगने वाले दूसरे व्यक्ति और बैंक अधिकारी से मिलने का अनुरोध किया, तो धोखेबाज ने उसे टाल दिया और बाद में गायब हो गया.
अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर, नेरुल पुलिस स्टेशन में रविवार को धोखेबाज के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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