महाराष्ट्र के नागपुर में भारी बारिश की वजह से कई हिस्सों में बाढ़ आ गई, जिसके बाद मूक-बधिर स्कूल के 70 छात्रों समेत 400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया. बाढ़ के कारण शहर में बिस्तर पर पड़ी लकवाग्रस्त महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई. उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने देर शाम मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की.
पहले मामले में बाढ़ का पानी सुरेंद्रगढ़ में संध्या धोरे और उनकी मां सयाबाई धोरे (72) के घर में घुस गया. रिश्तेदारों ने महिला को बचा लिया, जबकि संध्या धोरे को बाहर नहीं निकाल सके. संध्या बिस्तर पर थी और उसे उठाया नहीं जा सका. कमरे में पानी का स्तर बढ़ने के बाद संध्या धोरे डूब गई. बचाव दल को सुबह शव मिला. वहीं, गिट्टीखदान में 70 वर्षीय मीराबाई कप्पुस्वामी घर में अकेली रहती थीं. देर रात करीब 2 बजे उनके घर में पानी घुसने से उनकी मृत्यु हो गई. सुबह 6 बजे रिश्तेदारों को शव मिला.
इसी तरह, शनिवार शाम को धंतोली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत पंचशील चौराहे के पास एक 'नाले' में अज्ञात शव मिला. चौथी मौत अयोध्या नगर निवासी चाय विक्रेता संजय शंकर गाडेगांवकर (52) की हुई. वो सुबह 3 बजे सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के परिसर में बाढ़ वाले गड्ढे में डूब गए. संजय जीएमसीएच में एक रिश्तेदार से मिलने आए थे.
बता दें कि कुछ घंटों की भारी बारिश के कारण नागपुर शहर के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई, जिसके बाद बोलने और सुनने में अक्षम स्कूल के 70 छात्रों सहित 400 से अधिक लोगों को बचाया गया. नागपुर में शुक्रवार देर रात दो बजे से शनिवार तड़के चार बजे के बीच करीब 90 मिलीमीटर बारिश होने के बाद घरों और रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया और सड़कें नदियां जैसी दिखने लगीं. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूल-कॉलेज में छुट्टी घोषित कर दी है.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के दल बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हैं. फडणवीस ने मुंबई में मीडिया से कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कर्मियों द्वारा 400 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया गया है. इनमें मूक-बधिर स्कूल के 70 छात्र और एलएडी कॉलेज की 50 लड़कियां शामिल हैं.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, उन्हें एक अस्थायी शिविर में भेज दिया गया है और उन्हें भोजन एवं अन्य जरूरी चीजें मुहैया कराई जा रही हैं. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और फडणवीस ने नागपुर के कलेक्टर से बातचीत की और स्थिति का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भारी बारिश से प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया. शिंदे ने अधिकारियों से यह भी कहा कि प्रभावित इलाकों में अगर जलस्तर बढ़ता है तो एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें बुलाई जाएं.
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