मुंबई में बढ़ते कोरोना केस की गाज BMC कमिश्नर प्रवीण परदेशी पर गिरी, पद से हटाए गए

प्रवीण परदेशी को बीएमसी कमिश्नर के पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आईएस चहल लेंगे. मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रवीण परदेशी पर गाज गिरी है. वहीं, मुंबई मेट्रो रेल के पूर्व एमडी अश्विनी भिडे को अतिरिक्त नगर आयुक्त (बीएमसी) के रूप में नियुक्त किया गया है.

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मुंबई में कोरोना के मामले 11 हजार के पार (फाइल फोटो) मुंबई में कोरोना के मामले 11 हजार के पार (फाइल फोटो)

साहिल जोशी

  • मुंबई,
  • 08 मई 2020,
  • अपडेटेड 8:21 PM IST

  • बतौर बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी का कार्यकाल एक साल का रहा
  • मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रवीण परदेशी हटाए गए

बृहन मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के आयुक्त प्रवीण परदेशी को पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आईएस चहल लेंगे. मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रवीण परदेशी पर गाज गिरी है. वहीं, मुंबई मेट्रो रेल के पूर्व एमडी अश्विनी भिडे को अतिरिक्त नगर आयुक्त (बीएमसी) के रूप में नियुक्त किया गया है. इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों का भी तबादला किया गया है.

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प्रवीण परदेशी मई 2019 में बीएमसी के कमिश्नर बने थे. उनका कार्यकाल एक साल का रहा. महाराष्ट्र में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर मुंबई है. यहां पर कोरोना संक्रमितों की संख्या 11 हजार के पार हो गई है. मुंबई में 11394 केस हैं. गुरुवार को 24 लोगों की मौत हुई. महाराष्ट्र की राजधानी में अब तक 437 लोग दम तोड़ चुके हैं. गुरुवार को यहां 680 नए केस सामने आए.

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महाराष्ट्र में कितने केस

गुरुवार को महाराष्ट्र में 1216 नए केस सामने आए. इसके साथ ही महाराष्ट्र में जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 17974 हो गई. महाराष्ट्र में तो कोरोना के मामले जैसे हर दिन अपना ही रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. गुरुवार को 43 लोगों की मौत हुई. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से अब तक 694 लोगों की जान जा चुकी है. राज्य में 3301 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं.

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सरकार और बीएमसी की मंशा पर सवाल

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है. अकेले मुंबई शहर में ही कई राज्यों की अपेक्षा अधिक मजदूर हैं. राज्य सरकार और बीएमसी, कोरोना को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है.

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यहां पर कोरोना के लक्षण वाले मरीजों का भी टेस्ट नहीं किया जा रहा. कई लोगों ने खुद से निजी लैब में कोरोना की जांच कराई. वहीं, अव्यवस्था के कारण कई मरीज शहर की चॉल में अपने घर में ही रहने को मजबूर हैं. ये सामूहिक उपयोग वाले शौचालय का ही उपयोग कर रहे हैं, जिससे कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की कोशिशों को धक्का लग ही रहा. इससे सरकार और बीएमसी की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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