महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई अभी कोरोना की मार से उभरी भी नहीं थी कि बीते कुछ दिनों से मुंबई में खसरे (Measles) का प्रकोप तेजी से बढ़ा है. यहां खसरे के मामले में लगातार इजाफा हो रहा है. बीते दो महीनों में मुंबई में खसरा के 84 मामले दर्ज हुए हैं. जनवरी से नवंबर 2022 तक मुंबई में खसरा के 101 मामले दर्ज हुए थे. खसरे के मामले बढ़ने से बीएमसी अलर्ट पर है और इसे रोकने को लेकर हरसंभव कदम उठा रहा है.
मुंबई में 50 बच्चे अस्पताल में, 1 वेंटिलेटर पर
मुंबई में खसरा के मामलों ने लोगो कि चिंता बढ़ा दी है. दक्षिण मुंबई के एक अस्पताल में ऐसे 50 बच्चे भर्ती है, जो खसरे से जूझ रहे हैं. वहीं, चिंचपोकली के कस्तूरबा अस्पताल में खसरे से एक बच्चे की हालत गंभीर है, जिसे वेंटिलेटर पर रखा गया है. अक्टूबर में खसरे से दो बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, जो बच्चा वेंटिलेटर पर है, उसकी उम्र दो साल बताई जा रही है. डॉक्टर का कहना है कि बच्चे की हालत बहुत गंभीर है. वह खसरे की एडवांस स्टेज पर है. अस्पताल का कहना है कि बाकी बच्चों की हालत स्थिर है और उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है.
खसरे के प्रकोप के मद्देनजर अस्पातल में तीन वॉर्ड बनाए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में खसरा के माले बढ़कर 740 हो गए हैं जबकि कंफर्म मामलों की संख्या 109 हो गई है.
खसरे के संदिग्ध मामले मुंबई के तीन वॉर्डों में पाए जाने की आशंका है. बीएमसी की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में संदिग्ध खसरे के मामलों की संख्या बढ़कर 740 हो गई है, जबकि संक्रमण के कंफर्म मामलों की संख्या 109 है. खसरे के संक्रमण से बच्चो को बचाने के लिए बीएमसी की तरफ़ से उन इलाको में टीकाकरण अभियान भी शुरू किया गया है, जहां पर खसरे के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं.
पारस दामा