महाराष्ट्र के पालघर जिले के रहने वाले रेहान बशीर भूरे ट्रक में क्लीनर का काम करते थे. रेहान की एक सड़क हादसे में मौत हो गई, जिसके बाद उनके घर वालों ने ठाणे की मोटर एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल में केस दायर करते हुए दावा किया कि वाहन लापरवाही से चलाया गया था, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई. इस मामले में कोर्ट ने क्लीनर के परिवार को 12.40 लाख रुपये का मुआवजा दिया.
यह हादसा 2015 में हुआ था, जिसमें क्लीनर की मौत हो गई थी. वाहन मालिक ने क्लीनर के परिवार को कोई मुआवजा नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने ठाणे की मोटर एक्सीडेंट क्लैम ट्रिब्यूनल में दावा किया. कोर्ट ने इस हादसे में मारे गए क्लीनर के परिवार को 12.40 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया.
वाहन मालिक को मुआवजे पर देना होगा ब्याज
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ठाणे MACT के अध्यक्ष एसबी अग्रवाल ने दोषी वाहन के मालिक को याचिका की तारीख से उसके भुगतान तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजा देने का निर्देश दिया. इस आदेश की कॉपी रविवार को उपलब्ध कराई गई.
2015 में एक्सीडेंट में हुई थी क्लीनर की मौत
क्लीनर के परिवार ने ट्रिब्यूनल को बताया कि 19 जुलाई 2015 को पीड़ित रेहान बशीर भूरे एक वाहन में यात्रा कर रहा था, जिसमें वह क्लीनर के रूप में काम करता था. वाहन तेजी और लापरवाही से चलाया गया और पलट गया, जिससे उसकी मौत हो गई. ट्रिब्यूनल ने वाहन मालिक को आदेश दिया कि क्लीनर की पत्नी के नाम पर 8 लाख रुपये और मृत व्यक्ति के दोनों बेटों के नाम पर 2-2 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश किए जाएं.
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