मायानगरी में नाइट लाइफ की शुरुआत के अगले दिन ही 'इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन' ने फूड ट्रकों की मौजूदगी के विचार पर आपत्ति जताई है. एसोसिएशन ने बीएमसी कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अगर फूड ट्रक को इजाजत दी जाती है, तो इससे न सिर्फ होटल-रेस्टोरेंट का कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा, बल्कि इससे ट्रैफिक और साफ-सफाई के मुद्दे भी खड़े होंगे. एसोसिएशन ने ये भी कहा है कि रेलवे स्टेशनों के पास स्थित रेस्टोरेंट्स को पूरी रात खुले रहने की इजाजत दी जानी चाहिए.
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एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवानंद शेट्टी ने कहा, 'हम नाइट लाइफ शुरू करने के लिए बहुत आभारी हैं, लेकिन लोगों को इसके लिए ढलने में थोड़ा वक्त लगेगा. इसके साथ ही कुछ फैसलों को लेकर हमारी गंभीर चिंताएं भी हैं. अगर फूड ट्रक्स को इजाजत दी गई तो लोग रेस्टोरेंट्स में क्यों आएंगे? उनका आना कम होगा. रेस्टोरेंट मालिक पहले से ही अतिरिक्त लागत के लिए अधिक भुगतान कर रहा है. उसका कारोबार प्रभावित होगा. हम समझते हैं कि ये हमारे उद्योग के साथ सही नहीं है. इससे (फूड ट्रक्स) हमारा कारोबार और प्रभावित होगा.'
फूड ट्रक पॉलिसी का विरोध किया
शेट्टी ने कहा, 'ये नीति कुछ निश्चित वर्ग को फायदा पहुंचाने वाली लगती है, आम लोगों का फायदा इससे नहीं जुड़ा. ये गौर किया जाए कि हमने अतीत में भी फूड ट्रक पॉलिसी का पुरजोर विरोध किया है. क्या पहले से ही वैधानिक इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद है जिससे 24X7 नाइट लाइफ के समग्र विचार को बढ़ावा दिया जा सके. फूड ट्रकिंग का विचार पश्चिमी देशों से लिया गया है. इसके लिए पटरी, फुटपाथ, सड़कों की चौड़ाई, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा आदि जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विचार किया जाता है. फूड ट्रक पॉलिसी अगर गहन विचार विमर्श और प्लानिंग के लागू की जाती है तो ऐसे मुद्दों का सामने आना अपरिहार्य है.'
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शेट्टी ने बीएमसी कमिश्नर को चिट्टी में आगे कहा, 'नीति का उद्देश्य पूरा नहीं होगा अगर रेलवे स्टेशनों, एस टी डिपो, पर्यटकों के आकर्षण वाले स्थलों के पास स्थित स्टैंड अलोन रेस्टोरेंट्स को इजाजत नहीं दी जाती.'
ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था के भी मुद्दे उठेंगे
चिट्ठी में आगे कहा गया, 'ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था के मुद्दे भी उठेंगे. नीति बनाने से पहले पुलिस कमिशनर और ट्रैफिक डिपार्टमेंट की एनओसी भी चाहिए होगी. फुटपाथ और सड़कों के नियमन वाले कानूनों का उल्लंघन होगा. फुटपाथ और सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त कराना होगा. ऐसा करते वक्त पैदल चलने वालों के अधिकार और ट्रैफिक के अधिकार का उल्लंघन नहीं होना चाहिए.'
चिट्ठी के मुताबिक, विज्ञापन के लिए ब्रैंडिंग और MCGM नियमों को लेकर RTO की अनुमति होनी चाहिए और इनका सुनिश्चित किया जाए कि इनका उल्लंघन ना हो. स्वच्छ भारत अभियान का प्रावधान भी देखे जाना चाहिए, साइट पर सफाई कर्मियों का पर्याप्त इंतजाम हो. ये भी देखा जाए कि बर्तन साफ करने के लिए ताजा पानी का बंदोबस्त हो. रूके हुए पानी में बर्तन साफ करने से जन स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है.
सौरभ वक्तानिया