मुंबई: सोसायटी के जल निकासी चेंबर में गिर गए थे कुत्ते के बच्चे, मुश्किल हालात में पूरा हुआ रेस्क्यू

चेंबर में संकरी जगह और उसमें फंसे पिल्लों की चीख ने दमकल कर्मियों के होश उड़ा दिए थे. लेकिन कल्याण डोंबिवली फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बिना समय गवाएं अपना रेस्क्यू जारी रखा और कुत्तों के बच्चों को नया जीवनदान दिया.

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चेंबर में गिरे कुत्ते के बच्चे का सफल रेस्क्यू चेंबर में गिरे कुत्ते के बच्चे का सफल रेस्क्यू

दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 28 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 3:48 PM IST
  • चेंबर में गिरे कुत्ते के बच्चे का सफल रेस्क्यू
  • फायर ब्रिगेड की टीम ने दिया जीवनदान

मुंबई के कल्याण डोंबिवली में फायर ब्रिगेड टीम ने ड्रेनेज चेंबर में फंसे कुत्ते के बच्चों की जान बचाई है. ये घटना कल्याण वेस्ट स्थित वसंत वैली सोसाइटी की है जहां पर 3 कुत्ते के बच्चे सोसायटी के जल निकासी चेंबर में गिर गए थे. घटना के तुरंत बाद केडीएमसी फायर ब्रिगेड को इस बारे में सूचित किया गया. फायर ब्रिगेड टीम ने समय रहते रेस्क्यू शुरू किया.

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चेंबर में गिरे कुत्ते के बच्चे, सफल रेस्क्यू

चेंबर में संकरी जगह और उसमें फंसे कुत्ते के बच्चों की चीख ने दमकल कर्मियों के होश उड़ा दिए थे. लेकिन कल्याण डोंबिवली फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बिना समय गवाएं अपना रेस्क्यू जारी रखा और उन पिल्लों को नया जीवनदान दे दिया गया. मुख्य अग्निशमन अधिकारी नामदेव चौधरी ने बताया कि पिल्ले को चेंबर से बाहर निकालने में थोड़ा और समय लगता तो उनकी जान भी जा सकती थी. ऐसे में हमारा ध्यान सिर्फ रेस्क्यू पर नहीं था, बल्कि समय पर भी था. अगर ज्यादा देर हो जाती तो कुछ भी हो सकता था.

 

जानकारी के लिए बता दें कि कल्याण डोंबिवली मनपा फायर ब्रिगेड की जिस टीम ने इस ऑपरेशन को संपन्न किया उसमें विनायक लोखंडे, राहुल भाकरे, निखिल ईशान, युवराज राठौड़ समेत कुछ लोग मौजूद थे.

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कुत्ते को बचाने के चक्कर में 12 वर्षीय बच्ची की मौत

वैसे इससे पहले गाजियाबाद में भी एक कुत्ते को बचाने की कोशिश की गई थी. लेकिन उस घटना में एक 12 साल की लड़की ने अपनी जान गंवा दी.

दरअसल बच्ची घर पर कुत्ते के बच्चे के साथ खेल रही थी, तभी कुत्ता बालकनी में चला गया और वहां रखे जाल में फंस गया. बच्ची उसे जाल से निकाल रही थी, तभी उसका बैलेंस बिगड़ा और वो गिर गई. बच्ची को घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. बच्ची का नाम ज्योत्सना था जो गाजियाबाद के एक स्कूल में 7वीं क्लास में पढ़ाई कर रही थी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. 

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