मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक आईपीएस अधिकारी के पति पुरषोत्तम चव्हाण और अन्य के खिलाफ सरकारी कोटे के फ्लैट कम कीमत पर देने के नाम पर 25 करोड़ रुपये की ठगी के मामला में दर्ज किया है.
फ्लैट और प्लॉट देने का झांसा
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी पुरषोत्तम चव्हाण पहले से ही एक अन्य मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्त में हैं. अब उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी दफ्तरों में अपने संपर्कों का हवाला देकर मुंबई के प्रभादेवी, दादर, परेल, ठाणे और पुणे में सरकारी कोटे के फ्लैट और प्लॉट कम दामों में दिलाने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए.
फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप
चव्हाण के अलावा इस मामले में उनके कुछ साथियों, परेल-शिवड़ी स्टांप रजिस्ट्रेशन कार्यालय के एक सहायक और अन्य अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है. इन पर फर्जी बिक्री दस्तावेज तैयार करने में मदद करने का आरोप है.
व्यवसायी से 3.37 करोड़ की ठगी
केदार डेगवेकर (57) नाम के एक कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि जुलाई 2020 में चव्हाण ने उन्हें उनकी पत्नी के आधिकारिक निवास, जो कोलाबा पुलिस स्टेशन के ऊपर स्थित है, बुलाया था. वहां उन्होंने खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले कुछ लोगों की मौजूदगी में डेगवेकर से एक बिक्री अनुबंध पर हस्ताक्षर करवाए और 3.37 करोड़ रुपये ले लिए. हालांकि, उन्हें अब तक वह तीन बीएचके फ्लैट नहीं मिला, जिसका वादा किया गया था.
अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है.
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