बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार को ठाणे के एक अंतरधार्मिक जोड़े को मुंबई के एक "सुरक्षित घर" में सुरक्षित रूप से ठहराने का निर्देश दिया. जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और प्रीथ्वीराज चव्हाण की बेंच ने मामले में निर्देश जारी किया. कोर्ट के आदेश के बाद कपल को सुरक्षित घर मुहैया करा दिया गया है. ठाणे के रहने वाले कपल, जिसमें लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम है - दोनों 2021 से रिलेशनशिप में थे और परिवार के खतरे की वजह से कोर्ट से सुरक्षा मांगी थी.
याचिका में बताया गया कि लड़का और लड़की ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की और इसकी जानकारी सब-रजिस्ट्रार ऑफिस को भी दी गई है. उनके वकीलों मिहिर देसाई और लारा जेसानी ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं के परिवार उनके रिश्ते के खिलाफ हैं और उन्हें अपनी जान का खतरा है.
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परिवार का खतरा बताकर घर की मांग की
कपल्स ने परिवार का खतरा बताते हुए मुंबई में एक सुरक्षित घर की मांग की थी. लड़के ने पुलिस सुरक्षा की भी मांग की, क्योंकि वह 23 दिसंबर से अपना काम शुरू करना चाहता है और उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है. वकील मिहिर देसाई ने बताया कि लड़के ने मीरा रोड पुलिस स्टेशन और ठाणे के पुलिस आयुक्त से पुलिस सुरक्षा की अपील की है. उन्होंने सुरक्षित घर के इस्तेमाल की भी इजाजत मांगी.
गुरुवार शाम 6 बजे से पहले दिया गया घर
18 दिसंबर को महाराष्ट्र सरकार ने 44 सुरक्षित घरों की लिस्ट जारी की थी. एडिश्नल पब्लिक प्रोसिक्यूटर प्राजक्ता शिंदे ने बताया था कि गुरुवार शाम 6 बजे से पहले कपल को सुरक्षित घर में शिफ्ट कर दिया जाएगा, और वहां एक पुलिस गार्ड की भी तैनाती होगी.
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हालांकि, कोर्ट ने संबंधित पुलिस स्टेशन को अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जब तक कि याचिकाकर्ताओं कपल वहां रहेंगे. साथ ही, ठाणे पुलिस आयुक्त को 48 घंटे के भीतर सुरक्षा अनुरोध पर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया.
विद्या