कोरोना: राजस्थान के बाद MP में भी ऑक्सीजन के इंडस्ट्रियल इस्तेमाल पर रोक

महाराष्ट्र सरकार के ऑक्सीजन सप्लाई पर रोक लगाने के बाद से जबलपुर और शिवपुरी सहित कई इलाकों में ऑक्सीजन की कमी का संकट पैदा हो गया है. जबलपुर में कोरोना केस बढ़ने से ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ गई है.

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ऑक्सीजन के इंडस्ट्रियल इस्तेमाल पर रोक (फाइल फोटो-PTI) ऑक्सीजन के इंडस्ट्रियल इस्तेमाल पर रोक (फाइल फोटो-PTI)

हेमेंद्र शर्मा

  • भोपाल,
  • 15 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:44 PM IST
  • महाराष्ट्र ने ऑक्सीजन सप्लाई पर लगाई पाबंदी
  • मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन का संकट
  • ऑक्सीजन के इंडस्ट्रियल इस्तेमाल पर लगी रोक

महाराष्ट्र की तरफ से ऑक्सीजन की सप्लाई पर रोक लगाए जाने के बाद स्थिति से निपटने के लिए मध्य प्रदेश प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाए हैं. इसके तहत राज्य सरकार ने ऑक्सीजन के इंडस्ट्रियल इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. ऐसी ही रोक कुछ दिन पहले राजस्थान सरकार भी लगा चुकी है. राजस्थान ने दूसरे राज्यों को ऑक्सीजन सप्लाई भी रोक दी है.  

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मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने इंडिया टुडे बातचीत में कहा कि ऑक्सीजन के औद्योगिकी इस्तेमाल पर रोक थोड़े समय के लिए लगाई गई है ताकि तात्कालिक मेडिकल जरूरतों को पूरा किया जा सके. महाराष्ट्र सरकार के ऑक्सीजन सप्लाई पर रोक लगाने के बाद से जबलपुर और शिवपुरी सहित कई इलाकों में ऑक्सीजन की कमी का संकट पैदा हो गया है. जबलपुर में कोरोना केस बढ़ने से ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ गई है.

हालांकि अब राज्य सरकार का यह दावा है कि उसके पास सरप्लस मेडिकल ऑक्सीजन है. मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, 'छत्तीसगढ़ में सेल के प्लांट से हमें अतिरिक्त तौर पर 30 टन ऑक्सीजन मिल गई है. इसलिए तत्काल आवश्यकता का ध्यान रखा जा रहा है. लेकिन हमें जल्द से जल्द आत्मनिर्भर होने की जरूरत है. लिहाजा हम बाबई में एक कंपनी को जमीन आवंटित कर रहे हैं, जहां वो एक प्लांट लगाएंगे जो अगले आठ से नौ महीनों के भीतर चालू हो जाएगा.'

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सरकार के दावे के अनुसार राज्य में अभी 180 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है जबकि मांग 110 से 120 मिट्रिक टन प्रतिदिन की है. 
 
बता दें कि मध्य प्रदेश में अब 90,000 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मामले हैं. राज्य में सोमवार को 2483 नए कोरोना मामले सामने आए थे. राज्य में पिछले पांच दिनों से औसतन 2000 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं. कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही इलाज को लेकर राज्य सरकार के सामने संसाधनों को लेकर कई तरह की चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं. हालांकि राज्य सरकार का दावा है कि वह स्थिति से निपटने में सक्षम है.

 

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