मध्य प्रदेश: बेटे की हुई एक्सीडेंट में मौत, पिता ने तेरहवीं में बांटे हेलमेट

महेंद्र दीक्षित ने कहा कि उनके बेटे ने यदि हेलमेट पहना होता तो बच जाता लेकिन अब उसकी मौत के बाद मुझे दूसरों के बेटों को हेलमेट बांटने का विचार मन में आया ताकि वो सुरक्षित रह सकें.

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तेरहवीं में युवाओं को हेलमेट बांटते पिता महेंद्र दीक्षित तेरहवीं में युवाओं को हेलमेट बांटते पिता महेंद्र दीक्षित

रवीश पाल सिंह

  • दमोह ,
  • 04 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 8:00 PM IST

  • सड़क पर बैठे जानवर से टकराई थी बेटे विभांशु की बाइक
  • 13वीं में आए 18 साल से ऊपर के सभी लड़कों को बांटे हेलमेट

मध्य प्रदेश में अपने बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत से दुखी एक पिता ने समाज के सामने एक ऐसी मिसाल पेश की जिसकी अब हर कोई प्रशंसा कर रहा है. बाइक एक्सीडेंट में हेलमेट ना पहनने के कारण बेटे की मौत के बाद उसकी तेरहवीं में पिता ने युवाओं को हेलमेट बांटे ताकि हेलमेट ना पहनने के कारण जो उनके बेटे के साथ हुआ वो किसी और के बेटे के साथ ना हो.

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बेटे की ऐसे गई जान

दमोह में निजी स्कूल संचालित करने वाले विभांशु का 21 नवंबर को एक्सीडेंट हो गया था. विभांशु की बाइक सड़क पर बैठे जानवर से टकरा गई थी, जिससे बाइक फिसल गई और विभांशु के सिर में चोट लगने से खून बहने लगा और मौके पर उसकी मौत हो गई. हालांकि विभांशु ने हेलमेट पहना होता तो उसकी जान बच सकती थी.

बस यही बात उसके पिता महेंद्र दीक्षित को अंदर ही अंदर खा रही थी, जिसके बाद पिता ने तय किया कि वो बेटे की तेरहवीं में युवाओं को हेलमेट बांटेंगे और तेरहवीं में आये 18 साल से ऊपर के सभी लड़कों को महेंद्र दीक्षित ने हेलमेट बांटे ताकि वो इसे पहनकर ही बाइक चलाएं और दुर्घटना से उनका बचाव हो सके.

महेंद्र दीक्षित का ये कदम मिसाल

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महेंद्र दीक्षित ने कहा, 'उनके बेटे ने यदि हेलमेट पहना होता तो बच जाता लेकिन अब उसकी मौत के बाद मुझे दूसरों के बेटों को हेलमेट बांटने का विचार मन मे आया ताकि वो सुरक्षित रह सकें.'

वहीं बेटे की मौत के बाद पिता द्वारा हेलमेट बांटने की दमोह कलेक्टर तरुण राठी ने सराहना की है. उन्होंने कहा, 'नियमों में बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चलाने पर जुर्माने का प्रावधान तो है लेकिन फिर भी लोग हेलमेट पहनने से बचते हैं जबकि हेलमेट आपको जुर्माने से नहीं बल्कि दुर्घटना से बचाने के लिए है, ऐसे में महेंद्र दीक्षित ने जो किया वो वाकई एक मिसाल है.'

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