मध्‍य प्रदेश चुनाव: कुक्षी से कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह ने मारी बाजी

मध्य प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद आज मतगणना हो चुकी है. कुक्षी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वीरेन्‍द्र बघेल और कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह बघेल के बीच मुकाबला था. चुनाव परिणाम में सुरेंद्र सिंह ने वीरेंद्र बघेल को मात दी है.

Advertisement
फोटो-PTI फोटो-PTI

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 11 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 4:56 PM IST

मध्य प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद आज मतगणना हो चुकी है. कुक्षी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वीरेन्‍द्र बघेल और कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह बघेल के बीच मुकाबला था. चुनाव परिणाम में सुरेंद्र सिंह ने वीरेंद्र बघेल को मात दी है.

धार जिले की कुक्षी सीट कांग्रेस का गढ़ है. यह जीत अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है और यहां 2 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं.

Advertisement

आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में इस बार जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) भी चुनाव लड़ने जा रहा है और इसके लिए संगठन की ओर से यहां एक महापंचायत भी बुलाई गई. माना जा रहा है कि इस बार जयस दोनों बड़ी पार्टियां कांग्रेस-बीजेपी के सियासी समीकरण बिगाड़ सकता है.

2013 चुनाव कुक्षी के नतीजे

कांग्रेस से सुरेंद्र सिंह बघेल को 2013 के चुनाव में 89111 वोट मिले थे. वहीं, बीजेपी से मुकम सिंह को जनता ने 46343 वोट दिए थे.

2008 कुक्षी चुनाव के नतीजे

2008 में कांग्रेस से जमुना देवी ने 49911 वोट पाकर कुक्षी सीट पर कब्‍जा किया था. वहीं बीजेपी के रेलम चौहान 39113 वोट से संतोष करना पड़ा था.

2013 में राज्य में क्या थे चुनावी नतीजे

मध्य प्रदेश में कुल 231 विधानसभा सीटें हैं. 230 सीटों पर चुनाव होते हैं जबकि एक सदस्य को मनोनीत किया जाता है. 2013 के चुनाव में बीजेपी को 165, कांग्रेस को 58, बसपा को 4 और अन्य को तीन सीटें मिली थीं.

Advertisement

इस बार की वोटिंग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस बार मध्य प्रदेश में 75.05 फीसदी मतदान हुआ. जबकि 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. इस बार महिलाओं का मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 4 फीसदी बढ़कर 74.03 प्रतिशत रहा. 2013 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 70.11 प्रतिशत रहा था.

कितने लोगों ने किया मताधिकार का प्रयोग

निर्वाचन आयोग के मुताबिक 2013 में मध्य प्रदेश में कुल 4,66,36,788 मतदाता थे जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 2,20,64,402 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,45,71,298 और अन्य वोटर्स 1088 थे. 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

इसके पहले कैसा रहा है वोटिंग का प्रतिशत

मध्‍य प्रदेश में 1990 में स्व. सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में भाजपा मैदान में उतरी और 4.36 फीसदी वोट बढ़ गए. तत्कालीन कांग्रेस की सरकार को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 1993 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव में उतरी तो 6.03 प्रतिशत मतदान बढ़ा और बीजेपी की पटवा सरकार हार गई थी.

वहीं, 1998 में वोटिंग प्रतिशत 60.22 रहा था जो 1993 के बराबर ही था. उस वक्त दिग्विजय सिंह की सरकार बनी. लेकिन 2003 में उमा के नेतृत्व में भाजपा सामने आई और दिग्विजय सिंह की 10 साल की सरकार सत्ता से बाहर हो गई. उस वक्त भी 7.03 प्रतिशत वोट बढ़े थे.

Advertisement

पिछले तीन बार से शिवराज सूबे के मुख्‍यमंत्री

2003 में मुख्‍यमंत्री बनी उमा भारती के इस्तीफे के बाद सूबे के वरिष्ठ नेता बाबूलाल ने 23 अगस्त 2004 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. बाबूलाल गौर के 29 नवंबर 2005 को पद छोड़ने पर शिवराज ने प्रदेश की बागडोर संभाली और 2008 और 2013 का विधानसभा चुनाव भी जिताने में सफल रहे. पिछले 13 वर्षों से राज्य में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड शिवराज के नाम दर्ज है.

“ To get latest update about Madhya Pradesh elections SMS MP to 52424 from your mobile . Standard  SMS Charges Applicable ”

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement