RSS पर बैन के 'कांग्रेस वचन' से भड़की BJP, कहा- ये न मंदिर बनने देंगे, न शाखा चलने देंगे

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने एमपी कांग्रेस के इस वादे का समर्थन किया है. चिदंबरम ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने कहा कि आरएसएस एक राजनीतिक संगठन है, यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो सरकारी इमारतों में संघ की शाखाओं को बंद कर दिया जाएगा,  इसमें कोई बुराई नहीं है.

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फाइल फोटो- इंडिया टुडे फाइल फोटो- इंडिया टुडे

पन्ना लाल

  • नई दिल्ली,
  • 11 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के 'वचन पत्र' ने सियासी संग्राम पैदा कर दिया है. कांग्रेस ने अपने वचनपत्र में सरकारी दफ्तरों पर RSS की शाखा पर रोक लगाने का वादा किया है. भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के इस वादे पर बिफर गई है. एमपी बीजेपी ने कांग्रेस के इस वादे का विरोध तो किया ही है. बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला किया है. संबित पात्रा ने कहा, "ऐसा लगता है कि इन दिनों कांग्रेस का एक ही एजेंडा है- मंदिर नहीं बनने देंगे, शाखा नहीं चलने देंगे."

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वहीं भोपाल से बीजेपी सांसद आलोक संजर ने कहा कि आरएसएस की शाखाएं मैदानों में लगती है या फिर संघ की अपनी सम्पत्तियों में ना कि शासकीय भवनों में. संजर ने कहा कि आरएसएस की शाखाओं में राष्ट्रवाद सिखाया जाता है और वह कांग्रेस को याद दिलाना चाहते हैं कि देश मे कोई भी आपदा आती है तो सबसे पहले RSS का स्वयंसेवक वहां पहुंचता है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने एमपी कांग्रेस के इस वादे का समर्थन किया है. चिदंबरम ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने कहा, " आरएसएस एक राजनीतिक संस्था है, यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा है कि सरकारी इमारतों में संघ की शाखाओं को बंद कर दिया जाएगा, मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता है, सरकारी कर्मचारी जब तक नौकरी कर रहे हैं तबतक उन्हें खुले रूप से किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं आना चाहिए."

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बता दें कि शनिवार को कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया है. कांग्रेस ने इसे 'वचन पत्र' नाम दिया है. इस वचन पत्र में कांग्रेस ने वादा किया है कि अगर पार्टी राज्य में सरकार बनाने में कामयाब होती है तो सरकारी इमारतों और परिसर में आरएसएस 'शाखाओं' की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही सरकारी कर्मचारियों को आरएसएस 'शाखाओं' में भाग लेने की अनुमति देने के पहले भी आदेश रद्द कर दिया जाएगा.

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