नक्सलियों के गढ़ में मोदी-राहुल: जानें, पहले दौर की 18 सीटों का गणित

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 18 सीटों पर सोमवार को मतदान होने हैं. पिछले चुनाव में कांग्रेस ने इन 18 सीटों में से 12 पर जीत दर्ज की थी और 6 सीटों पर बीजेपी. ये इलाका नक्सल प्रभावित है.

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नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी (फोटो-aajtak.in) नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी (फोटो-aajtak.in)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 09 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 12:57 PM IST

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले दौर की 18 सीटों पर सोमवार को वोटिंग होनी है. ऐसे में बीजेपी को चौथी बार जीत दिलाने के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां रैली कर रहे हैं वहीं, राज्य में कांग्रेस के 15 साल के सत्ता वनवास का खत्म करने के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी रोड शो कर रहे हैं.  

प्रदेश की जिन 18 सीटों पर पहले चरण में चुनाव हैं, वो नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आती हैं. कांग्रेस का ये मजबूत किला है, ऐसे में बीजेपी इस क्षेत्र में सेंधमारी करके चौथी बार सत्ता के सिंहासन पर विराजमान होना चाहती है. वहीं, जोगी कांग्रेस-बसपा गठबंधन पूरी ताकत के साथ मैदान में होने के चलते इस बार मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है.

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पहले दौर की ये हैं 18 सीटें

पहले चरण की 18 विधानसभा सीटें बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले की हैं. इनमें अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, जगदलपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, खुज्जी, खैरागढ़ और मोहला-मानपुर है. इन सीटों में से 12 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए और एक सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.

कांग्रेस के पास 12 और बीजेपी के पास 6

2013 में हुए विधानसभा चुनाव में बस्तर क्षेत्र के कुल 12 विधानसभा सीटों में से 8 सीटों पर कांग्रेस को और 4 सीटों पर बीजेपी को विजय मिली थी. जबकि राजनांदगांव के छह सीटों में से 4 सीटों पर कांग्रेस तथा 2 सीटों पर बीजेपी जीती थी. इस तरह पहले चरण में होने वाले 18 सीटों में से कांग्रेस के पास 12 और BJP के पास 6 सीटें हैं.

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सतनामी समाज का हाथ कांग्रेस के साथ

बस्तर और राजनांदगांव कांग्रेस का मजबूत किला है. हालांकि अजीत जोगी के बगावत कर अलग पार्टी बनाने से कांग्रेस के लिए पिछले नतीजों के दोहराने की बड़ी चुनौती है. लेकिन मतदान से चार दिन पहले सतनामी समाज का कांग्रेस के संग आ जाने से एक बार फिर पार्टी को उम्मीद नजर आने लगी है.

रमन के खिलाफ करुणा

हालांकि पहले चरण में राजनांदगांव सीट पर भी मतदान होने हैं. यहां से मुख्यमंत्री रमन सिंह भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं. जबकि कांग्रेस की तरफ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भांजी करुणा शुक्ला मैदान में हैं. करुणा शुक्ला के जीत के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रोड शो करेंगे.

जोगी-मायावती ने बनाया त्रिकोणीय मुकाबला

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ ने बसपा के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में है. जोगी और मायावती ने संयुक्त रूप से कई रैलियां कर चुके हैं. यही वजह है कि कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है. पिछले चुनाव में बस्तर इलाके में कांग्रेस की जीत दिलाने में जोगी की अहम भूमिका मानी गई थी.

बता दें कि 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से 49 सीटों पर बीजेपी ने और 39 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. वहीं एक-एक सीट पर बसपा और निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी.

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