MLA को घंटों काटने पड़े चक्कर, फिर भी सरकारी अस्पताल में नहीं हुई डिलीवरी

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिला अस्पताल में उस समय स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई जब विजयपुर से बीजेपी विधायक सीताराम आदिवासी अपनी बेटी का प्रसव कराने अस्पताल पहुंचे. उन्हें जांच से लेकर डॉक्टरों की कमी और एबुलेंस के लिए घंटों परेशान होना पड़ा है

भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी
aajtak.in
  • श्योपुर (मध्य प्रदेश),
  • 20 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 12:24 AM IST

  • मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल
  • MLA को एबुलेंस के लिए घंटों परेशान होना पड़ा

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिला अस्पताल में उस समय स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई जब विजयपुर से बीजेपी विधायक सीताराम आदिवासी अपनी बेटी का प्रसव कराने अस्पताल पहुंचे. उन्हें जांच से लेकर डॉक्टरों की कमी और एबुलेंस के लिए घंटों परेशान होना पड़ा.

अस्पताल में चकर-घिन्नी काटते हुए विधायक ने इन हालात के लिए अस्पताल प्रबंधन के साथ-साथ कमलनाथ सरकार पर भी जमकर निशाना साधा. यहां तक कह डाला कि कमलनाथ से सरकार नहीं चल पा रही है. केवल दलाली हो रही है. उधर अस्पताल प्रबंधन विधायक की बातों को सिरे से खारिज कर अस्पताल स्टाफ से लेकर एंबुलेंस में देरी होने को बात को भी नकार रहा है.

विजयपुर विधान सभा से भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी अपनी बेटी को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचे थे. जहां उन्हें पहले तो 35 मिनट तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा. सोनोग्राफी कराने के लिए एक घंटा भटकना पड़ा. जैसे-तैसे सिविल सर्जन के हस्तक्षेप के बाद जांच हुई तो रिपोर्ट देख महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन से प्रसव के लिए कह दिया. लेकिन ऑपरेशन के दौरान एनेस्थिसिया इंजेक्शन लगाने वाले डॉक्टर नहीं थे.

देरी होने की वजह से विधायक ने बेटी को रेफर करवा लिया, लेकिन पूरे ढाई घंटे तक एम्बुलेंस नहीं आई. ऐसे हालातो में जच्चा वार्ड प्रभारी ने प्रसूता को भर्ती कर लिया.

विधायक की बेटी के परिजन परेशान होकर प्रसूता को देर शाम एक निजी हॉस्पिटल ले गए जहां ऑपरेशन से बच्चा हुआ है, लेकिन कई घंटे तक मशक्कत के बाद भी जिला अस्पताल में बेटी की डिलीवरी ना होने से परेशान हुए विधायक ने इसके लिए अस्पताल की बदहाल सेवाओं को तो कोसा ही, प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर भी हमला बोल दिया है.

(खेमराज दुबे के इनपुट के साथ)

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