भोपाल के एमपी नगर में चाय की दुकान चलाने वाले उमाशंकर शर्मा लॉकडाउन की वजह से संकट से जूझ रहे हैं. लॉकडाउन का पहला हफ्ता जैसे-तैसे निकाल चुके उमाशंकर शर्मा घर से बाहर निकल कर अपनी बन्द पड़ी चाय की दुकान पर आज भी आते हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते चाय नहीं बेच पा रहे.
लॉकडाउन में ग्राहकी नहीं होने से जितने पैसे उमाशंकर के पास बचे थे वो भी धीरे-धीरे अब खत्म हो रहे हैं. जिस वजह से उनके और परिवार के आने वाले दिन मुश्किल भरे बीतने वाले हैं. उमाशंकर के घर मे भी थोड़ा बहुत राशन ही बचा है. ऐसे में उनकी सरकार से मांग है कि उनके परिवार को राशन उपलब्ध कराया जाए.
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चाय नहीं बिकेगी तो पैसे कहां से आएंगे?
उमाशंकर के मुताबिक, अभी असल समस्या लॉकडाउन खत्म होने के बाद शुरू होगी क्योंकि चाय बनाने के लिए दूध वाले और चाय पत्ती वाले के बकाया पैसे पहले चुकाने होंगे लेकिन जब 21 दिन चाय ही नहीं बेच पाएंगे तो पैसे कहां से आएंगे?
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लॉकडाउन में प्रदेश के हालात हो रहे बदतर
बता दें कि मध्य प्रदेश में भी कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है और मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है. इसे देखते हुए इंदौर में देश का सबसे सख्त लॉकडाउन भी शुरू हो चुका है.
रवीश पाल सिंह