झारखंड में दो नेताओं की गई विधायकी, जानें क्या थे आरोप

स्पीकर कोर्ट ने सुनवाई के बाद बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. जेपी भाई पटेल के खिलाफ शिकायत एलओपी अमर बाउरी ने दर्ज कराई थी. बाउरी कांग्रेस में शामिल हो गए थे और हजारीबाग से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. 

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जेपी पटेल (बाएं) और लोबिन हेम्ब्रम (दाएं). जेपी पटेल (बाएं) और लोबिन हेम्ब्रम (दाएं).

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 25 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 8:40 PM IST

झारखंड में दो नेताओं की विधायकी चली गई है. स्पीकर कोर्ट ने 10वीं अनुसूची यानी दलबदल विरोधी कानून के उल्लंघन के आरोप में जेपी पटेल और लोबिन हेमब्रोम को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया है. स्पीकर कोर्ट ने सुनवाई के बाद बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. जेपी भाई पटेल के खिलाफ शिकायत एलओपी अमर बाउरी ने दर्ज कराई थी. बाउरी कांग्रेस में शामिल हो गए थे और हजारीबाग से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी.

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वहीं लोबिन हेमब्रोम के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में जेएमएम प्रमुख शिबू सोरेन ने स्पीकर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी. लोबिन हेमब्रोम ने जेएमएम उम्मीदवार विजय हांसदा के खिलाफ राजमहल से निर्दलीय के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा था. लोबिन हेमब्रोम जेएमएम विधायक थे. दोनों विधायकी की विधायकी समाप्त करने का निर्णय 26 जुलाई से प्रभावी होगा. इसी दिन झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र भी आरंभ हो रहा है.

मालूम हो कि जेपी पटेल के पिता टेक लाल महतो झारखंड आंदोलनकारी थे. वो 2004 से 2009 तक जेएमएम के टिकट पे गिरिडीह से सांसद भी रहे. उनकी मौत के बाद वो जेएमएम से चुनकर विधानसभा पहुंचे थे. हालांकि बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया.

गौरतलब है कि बीजेपी ने सोरेन परिवार ,जेएमएम और इंडिया एलाइंस को 19 मार्च को जोरदार झटका दिया था .पार्टी ने शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन को शामिल कर सोरेन परिवार समेत इंडिया और जेएमएम के लिए मुश्किल खड़ी कर दी थी . हालांकि 24 घंटे बीते ही थे की कांग्रेस ने जेएमएम का बदला ले लिया. बीजेपी के कद्देवार नेता मांडू से विधायक और पार्टी के विधानसभा में सचेतक जेपी भाई पटेल को कांग्रेस ने अपने साथ ले लिया.

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