जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की हलचल तेज हो गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल अक्टूबर में राज्य में चुनाव कराए जा सकते हैं. इस बीच पीडीपी प्रमुख और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की है. महबूबा ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वह लोगों से बात करें, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से भी मिलें ताकि उन्हें समझाया जा सके कि हमें एक साथ आना होगा.
दक्षिणी कश्मीर के दौरे के दौरान महबूबा मुफ्ती ने अपने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इसी दौरान उन्होंने कहा कि अगर हमें अपने राज्य की विशेष संवैधानिक पहचान को बचाने के लिए पार्टी लाइन से हटकर सभी को एक साथ खड़ा होना होगा, फिर चाहे वह अलग-अलग पार्टियों के लोग ही क्यों ना हो. महबूबा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी के बीच की जो लड़ाई है, वो बाद में लड़ी जा सकती है.
महबूबा ने अपने सभी कार्यकर्ताओं के इस मामले में आगे बढ़ने के निर्देश दे दिए हैं. ताकि राज्य के स्पेशल स्टेटस को बचाने के लिए रणनीति बनाई जा सके.
आपको बता दें कि बीते कुछ दिनों से धारा 370, अनुच्छेद 35A पर कई तरह की खबरें आ रही हैं. हाल ही में घाटी में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भेजे गए हैं, जिसको लेकर राजनीतिक दलों में हलचल मची हुई है. खुद महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर केंद्र सरकार से सवाल दागे थे और डरावना माहौल बनाने का आरोप लगाया था.
यही कारण है कि पीडीपी प्रमुख अभी से हर मोर्चे के कार्यकर्ताओं को तैयार करना चाह रही हैं. एक तरफ महबूबा मुफ्ती ने अपने कार्यकर्ताओं को तैयार रहने को कहा है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा भी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लग गई है. मंगलवार को ही भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य ईकाई के साथ बैठक की थी.
शुजा उल हक