पाकिस्तान (Pakistan) के साथ तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्रीनगर पहुंचे हैं. वे यहां पर जवानों से मुलाकात करने के लिए पहुंचे हैं. 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले और 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर के बाद यह रक्षा मंत्री का पहला जम्मू-कश्मीर दौरा है. रक्षा मंत्री का श्रीनगर आना और जवानों से मुलाकात करके बात करना, बेहद महत्वपूर्ण है.
श्रीनगर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "पहलगाम में उन्होंने धर्म देखकर मारा और हमने कर्म देखकर आतंकियों और पाकिस्तान को मारा. मैं दुनिया से पूछना चाहता हूं कि क्या ऐसे गैर-जिम्मेदार और दुष्ट राष्ट्र के हाथ में परमाणु हथियार सेफ है?"
'जोश भी रखा और होश भी...'
रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा, "पहलगाम में, आतंकवादियों के हमले में हताहत हुए सभी निर्दोष नागरिकों को और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए हमारे सैनिकों को नमन करता हूं. मैं, हमारे घायल सैनिकों के साहस को भी नमन करता हूं और ईश्वर से यह प्रार्थना करता हूं कि वो जल्द से जल्द स्वस्थ हों: रक्षा मंत्री
उन्होंने आगे कहा कि मैं आपकी उस ऊर्जा को महसूस करने आया हूं, जिसने दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर दिया. आपने जिस तरीके से, सीमा के उस पार पाकिस्तान की चौकियों और बंकरों को धवस्त किया, दुश्मन उसे कभी भूल नहीं पायेगा. आपने देखा होगा, कि आमतौर पर लोग जोश में होश खो देते हैं लेकिन आपने, जोश भी रखा, होश भी रखा और सूझबूझ के साथ दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद किया.
राजनाथ सिंह ने कहा, "आज आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत की प्रतिज्ञा कितनी कठोर है, इसका पता इसी बात से चलता है कि हमने उनके न्यूक्लियर ब्लैकमेल की भी परवाह नहीं की है. पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीक़े से पाकिस्तान द्वारा भारत को अनेक बार एटम बम की धमकियां दी गईं हैं. आज श्रीनगर की धरती से मैं पूरी दुनिया के सामने यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या ऐसे ग़ैर ज़िम्मेदार और दुष्ट राष्ट्र के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं? मैं मानता हूं कि पाकिस्तान के एटमी हथियारों को IAEA यानि (International Atomic Energy Agency) की निगरानी में लिया जाना चाहिए."
पाकिस्तान के लिए बड़ा मैसेज
रक्षा मंत्री का जम्मू-कश्मी पहुंचना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा मैसेज भी है क्योंकि जहां पर राजनाथ सिंह का विजिट है, पाकिस्तान ने इसी एयरबेस को नुकसान पहुंचाने का दावा किया था. पाकिस्तान ने दावा किया था कि अवंतीपुरा एयरबेस उड़ा दिया गया है. उसी की पोल खोलने के लिए राजनाथ सिंह की कोशिश है, वे वहां पर पहुंचें. ये जरूर है कि पाकिस्तान के द्वारा जो प्रोपेगैंडा चलाया गया है, लेकिन पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा के असर को खत्म करने के लिए ही राजनाथ सिंह श्रीनगर पहुंचे हुए हैं और उनके साथ सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी मौजूद हैं.
15 कोर (चिनार कोर) में राजनाथ सिंह की मीटिंग थी. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्से की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों से उनकी मुलाकात हुई. इस दौरान सुरक्षा की स्थितियों पर चर्चा की गई. राजनाथ सिंह एलओसी पर भी गए और उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाया. इसके साथ ही रक्षा मंत्री जवानों से फीडबैक भी लेंगे.
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सेना प्रमुख भी मौजूद
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने डैगर डिवीजन, चिनार कोर के अग्रिम ठिकानों का दौरा किया और सभी रैंकों से बातचीत की. सैनिकों को संबोधित करते हुए, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नियंत्रण रेखा पर नियंत्रण पाने के लिए उनके साहस, जोश और सतर्क कार्यों की सराहना की. उन्होंने पीओके में आतंकी शिविरों को नष्ट करने में सैनिकों द्वारा निभाई गई भूमिका की भी सराहना की.
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सैनिकों को निर्णायक ताकत के साथ किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने की जरूरत पर जोर दिया.
घाटी में स्कूलों को खोलने की तैयारी
जम्मू में चौकी चौरा, भलवाल, डंसल, गांधी नगर, जम्मू जोन में स्कूल फिर से खुलेंगे. सांबा में विजयपुर कल स्कूल खोलेगा. कठुआ में बरनोटी, लखनपुर, सल्लन और घगवाल जोन में स्कूल खुलेंगे. इसी तरह राजौरी में पीरी, कालाकोट, थानामंडी, मोघला, कोटरंका, खवास, लोअर हथल और दरहाल इलाकों में स्कूल खुलेंगे. पुंछ में सुरनकोट और बफलियाज इलाकों में स्कूल खुलेंगे. इस बीच, भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता के कारण एक हफ्ते तक निलंबित रहने के बाद कटरा से श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं बुधवार को फिर से शुरू हो गईं.
मीर फरीद