आजाद के बाद येचुरी और डी राजा को भी श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोका, मिला रिटर्न टिकट

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के महासचिव सीताराम येचुरी भी श्रीनगर पहुंचे लेकिन उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया. अब अगली ही फ्लाइट से उन्हें वापस दिल्ली भेजा जा रहा है. उनके साथ सीपीआई के नेता डी. राजा को भी वापस भेजा जा रहा है.

Advertisement
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी (फोटो: ANI) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी (फोटो: ANI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST

जम्मू-कश्मीर में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं लेकिन अभी भी धारा 144 लागू है. ऐसे में किसी तरह का राजनीतिक कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दी जा रही है. शुक्रवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी भी श्रीनगर पहुंचे लेकिन उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया. अब अगली ही फ्लाइट से उन्हें वापस दिल्ली भेजा जा रहा है. उनके साथ सीपीआई के नेता डी. राजा को भी वापस भेजा जा रहा है.

Advertisement

सीताराम येचुरी श्रीनगर में अपनी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करने के लिए पहुंचे थे और वहां पर स्थानीय हालात के मद्देनज़र बैठक करने वाले थे. लेकिन उन्हें एयरपोर्ट से आगे ही नहीं जाने दिया गया.

श्रीनगर जाने से पहले येचुरी ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को चिट्ठी भी लिखी थी और उन्होंने बैठक करने की इजाजत मांगी थी. येचुरी ने अपनी चिट्ठी में लिखा था कि उम्मीद है उन्हें बैठक करने से नहीं रोका जाएगा और स्थानीय नेताओं से मिलने दिया जाएगा.

 

गौरतलब है कि सीताराम येचुरी से पहले गुरुवार को कांग्रेस नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और कांग्रेस के अन्य नेताओं को श्रीनगर में एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया था. येचुरी की तरह उन्हें भी अगली ही फ्लाइट से वापस नई दिल्ली भेज दिया गया था. श्रीनगर से वापस लौटने के बाद गुलाम नबी आजाद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था.

Advertisement

बता दें कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी हिस्सों में अभी भी धारा 144 लागू है. मोबाइल इंटरनेट, नेटवर्क सभी पर अभी पाबंदी है, हालांकि बाजार को समय-समय पर खोला जा रहा है. अगर अन्य नेताओं की बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और सज्जाद लोन को भी अभी हिरासत में ही रखा गया है.

नेताओं को इस तरह हिरासत में रखे जाने और किसी बाहरी नेता का प्रवेश ना मिलने पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है. कांग्रेस की ओर से लगातार मोदी सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया जा रहा है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement