जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ओवरग्राउंड वर्करों को कड़े पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में लिया है. पुलिस के अनुसार, ये दोनों व्यक्ति आतंकवादी संगठनों को सक्रिय समर्थन दे रहे थे और क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में शामिल थे. पकड़े गए आरोपियों के नाम ताहिर अहमद कुमार और शबीर अहमद गनई हैं, जो बडगाम के पाखरपोरा इलाके के निवासी हैं.
आतंकियों की कर रहे थे मदद
पुलिस ने बताया कि ये दोनों आतंकियों की गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने, उनके आने-जाने में मदद करने, उन्हें पनाह देने और रसद सामग्री उपलब्ध कराने में लगे हुए थे. इसके अलावा, उन्होंने स्थानीय युवाओं को आतंकवादी संगठनों में भर्ती करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि विश्वसनीय खुफिया जानकारी और निरंतर निगरानी के आधार पर इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इनके खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें हिरासत में लिया गया है ताकि वे भविष्य में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा न बन सकें.
क्या है पब्लिक सेफ्टी एक्ट?
पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) एक सख्त कानून है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को बिना मुकदमे के कुछ समय तक हिरासत में रखा जा सकता है यदि यह माना जाए कि वह राज्य की सुरक्षा या सार्वजनिक शांति के लिए खतरा बन सकता है. पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी.
पुलिस ने इस कदम को आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई बताया है और कहा है कि इस तरह की गतिविधियों में लिप्त अन्य व्यक्तियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि क्षेत्र में शांति बहाल रखी जा सके.
तीन साल तक की जेल
दूसरी ओर अगर कोई भी पाकिस्तानी नागरिक, जो सरकार की ओर से निर्धारित समय-सीमा के भीतर भारत छोड़ने में विफल रहता है, उसे गिरफ्तार किया जाएगा, मुकदमा चलाया जाएगा और उसे तीन साल तक की जेल की सजा या अधिकतम 3 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है. 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे, उनकी हत्या के बाद सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को 'भारत छोड़ो' नोटिस जारी किया था.
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