अभी तक कैंची मोड़ के पास सुचारू रूप से यातायात चल रहा है लेकिन यदि आने वाले समय में तेज बारिश होती है तो डंगे को और ज्यादा नुकसान हो सकता है. गौरतलब है कि बीती बरसात में भारी बारिश के कारण चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर यहां से सड़क पूरी तरह से धंस गई थी. इस कारण नेशनल हाईवे पूरे 9 महीने तक बंद रहा था. इस डंगे के निर्माण में 40 करोड़ की राशि खर्च की गई है.
अब पहली ही जोरदार बारिश के बाद डंगे में दरारें आने से नेशनल हाईवे पर संकट के बदले मंडराना शुरू हो गया है. यह दरारें धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं. जहां-जहां दरारें आई है, वहां पर स्थानीय लोगों ने पत्थर रखकर खतरे के संकेत चिह्नित कर दिया है. ताकि लोग यहां से सावधानीपूर्वक गुजर सके.
गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल क्या होगी जांच
बरसात की पहली बारिश में ही इतने विशालकाय डंगे के धंसने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। निर्माण कार्य और डंगे की गुणवत्ता पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि इसकी जांच करवाई जाएगी या नहीं. लेकिन स्थानीय लोग इस डंगे की गुणवत्ता को लेकर विजिलेंस एजेंसी से जांच की मांग कर रहे हैं.
भूस्खलन की चपेट में आया ट्रक
नेशनल हाईवे पर कैंची मोड़ के पास लैंडस्लाइड होने के कारण से कारण एक ट्रक मलबे की चपेट में आ गया है. यह ट्रक खराब होने के कारण यहां पर पार्क किया गया था. वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर चंद्र ने चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर हुए नुकसान के बाद वाहन चालकों से संभलकर चलने की अपील की है. उन्होंने बताया कि 4, 7 व 9 मील के पास पहाड़ी से पत्थर व मालवा गिरने का खतरा बना हुआ है. नेशनल हाईवे पर जिन स्थानों पर सड़क धंसने की सूचनाओं आई है, वहां से एक तरफा ही ट्रैफिक भेजा जा रहा है.
सनी धर्मवीर