हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकार इन दिनों आर्थिक संकटों का सामना कर रही है. इस बीच राज्य सरकार ने कहा है कि 1 अक्टूबर को कर्मचारियों को उनकी सैलरी दे दी जाएगी. सितंबर की सैलरी में पांच दिनों की देरी हुई थी. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि इस बार सभी को 1 अक्टूबर को वेतन मिल जाएगा.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक एक बयान में कहा गया है कि राज्य के खजाने के कैश फ्लो की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि सितंबर का वेतन 1 अक्टूबर को दिया जाएगा जबकि पेंशन का भुगतान 9 अक्टूबर को किया जाएगा.
राज्य सरकर के प्रवक्ता ने कहा कि अगस्त का वेतन 5 सितंबर को और पेंशन 10 सितंबर को जारी की गई, जो वित्तीय संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार समय पर उधार सुनिश्चित करने के लिए आमदनी और खर्चों के बीच अंतर को कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है, जिससे राज्य के कर्ज पर ब्याज का बोझ कम हो सके.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 4 सितंबर को विधानसभा को सूचित किया था कि राज्य को वेतन में 1,200 करोड़ रुपये और पेंशन में 800 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए हर महीने 2,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है.
सीएम ने कहा था कि 520 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा (आरडीजी) और केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा, 740 करोड़ रुपये, हर महीने की छठी और दसवीं तारीख को प्राप्त होता है, जिससे कर्ज जुटाने की आवश्यकता होती है.
कर्ज लेकर सैलरी दे रही सरकार
सुक्खू ने यह भी कहा था कि प्रत्येक महीने के पहले दिन वेतन भुगतान को पूरा करने के लिए 7.5 प्रतिशत ब्याज पर बाजार से उधार लेने से हर महीने लगभग 3 करोड़ रुपये की बचत की जा सकती है, जो कि ब्याज भुगतान में सालाना 36 करोड़ रुपये है.
सीएम ने कहा था कि सितंबर के लिए वेतन जारी करने का निर्णय राज्य की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के बाद किया गया था, जिसमें उन कर्मचारियों पर विचार किया गया था जिनकी महीने की पहली तारीख को मासिक किस्तें (ईएमआई) निर्धारित हैं.
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