'सिर फोड़ देना...' वाले बयान से चर्चा में आए करनाल के एसडीएम रहे आयुष सिन्हा (Ayush Sinha) का ट्रांसफर हो गया है, लेकिन इससे किसान खुश नहीं हैं. वो चाहते हैं कि आयुष सिन्हा पर हत्या का केस (Murder Case) दर्ज किया जाए. इसी मांग को लेकर 7 सितंबर को करनाल में किसान महापंचायत (Mahapanchayat) करने जा रहे हैं, जिसे देखते हुए पूरे करनाल में धारा-144 लागू कर दी गई है.
किसान संगठनों ने मंगलवार को करनाल में बड़ा विरोध प्रदर्शन (Farmer Protest) करने का ऐलान किया है. वो आईएएस आयुष सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. किसानों ने उनके खिलाफ हत्या का केस चलाने की मांग की है.
संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukta Kisan Morcha) ने भी एक बयान जारी कर इसे रूटीन ट्रांसफर बताया था. किसान मोर्चा का कहना था कि ये ट्रांसफर सजा नहीं, बल्कि प्रमोशन है. हरियाणा सरकार (Haryana Government) अपने अधिकारी को बचाने की कोशिश कर रही है. एसडीएम पर कार्रवाई की मांग को लेकर किसान संगठनों ने 7 सितंबर को सचिवालय का घेराव करने की चेतावनी भी दी है.
क्या है पूरा मामला?
28 अगस्त को करनाल में किसानों का विरोध प्रदर्शन था. किसान बीजेपी की मीटिंग का विरोध कर रहे थे. इस दौरान करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा पुलिस के जवानों को सुरक्षा को लेकर समझा रहे थे. वो पुलिस से कह रहे थे कि अगर कोई भी सुरक्षा को तोड़ता है तो उसका सिर फोड़ देना. उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. विवाद होने के बाद हरियाणा सरकार ने बीते हफ्ते ही आयुष सिन्हा का तबादला अतिरिक्त सचिव के तौर पर कर दिया है.
मनजीत सहगल