'डेमोक्रेसी नहीं है, बीजेपी ने देश को कोरिया बना दिया', राकेश टिकैत का सरकार पर हमला

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने किसान नेताओं के लाखों फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद करवा दिए. उन्होंने कहा कि देश में डेमोक्रेसी नहीं है, बीजेपी सरकार ने भारत को कोरिया बना दिया है.

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किसान नेता राकेश टिकैत (फाइल फोटो) किसान नेता राकेश टिकैत (फाइल फोटो)

मनजीत सहगल

  • कुरुक्षेत्र,
  • 13 जून 2023,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एमएसपी की गारंटी का कानून समेत कई मांगों को लेकर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी कुरुक्षेत्र पहुंच चुके हैं. टिकैत ने आजतक से बात करते हुए कहा कि सरकार ने कलम और कैमरे पर पहरा बिठा दिया है.  

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने किसान नेताओं के लाखों फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद करवा दिए. उन्होंने कहा कि देश में डेमोक्रेसी नहीं है, बीजेपी सरकार ने भारत को कोरिया बना दिया है. वहीं एमएसपी को लेकर कहा कि जबतक एमएसपी नहीं मिलता, हम आंदोलन खत्म नहीं करेंगे.  

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12 जून को हुई थी महापंचायत 

इससे पहले 12 जून को कुरुक्षेत्र में किसानों ने महापंचायत की और इसके बाद चंडीगढ़-दिल्ली नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया. इस दौरान टिकैत ने अपनी दो मांगें बताते हुए कहा कि हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा किया जाए और एमएसपी पर सूरजमुखी के बीज खरीदना शुरू करें. उन्होंने  कहा कि हम सरकार से बातचीत को तैयार हैं.  

महापंचायत में शामिल हुए पहलवान बजरंग पूनिया 

सूरजमुखी के बीज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को लेकर किसान कुरुक्षेत्र में महापंचायत करने के बाद एकत्र हुए. महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत के साथ ही अलग-अलग खापों के नेता भी पहुंचे थे. ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया भी इस किसानों की मांगों से जुड़ी इस महापंचायत में शामिल हुए और उनके धरने में शामिल होकर किसानों को समर्थन दिया. इससे एक दिन पहले पहलवान विनेश फोगाट किसानों को समर्थन देने पटियाला पहुंची थीं. 

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गुरनाम सिंह चरूनी को रिहा करने की मांग 

बीते 6 जून को भारतीय किसान यूनियन (चरूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चरूनी के नेतृत्व में किसानों ने शाहाबाद के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को छह घंटे से अधिक समय तक जाम कर दिया था और सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सूरजमुखी के बीज खरीदने की मांग की थी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया था. 
 

 

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