प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लॉकडाउन की घोषणा करने के बाद उद्योगपतियों और व्यवसायियों से किसी भी कर्मचारी की सैलरी नहीं काटने की अपील की थी. केंद्र सरकार ने इस संबंध में दिशानिर्देश भी जारी किए थे. लेकिन इसके बावजूद कई कंपनियों ने कर्मचारियों के वेतन में भारी कटौती की. कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को लॉकडाउन के दौरान की सैलरी ही नहीं दी.
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हरियाणा के फरीदाबाद में एक कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी काटी, तो कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया. कर्मचारियों ने लॉकडाउन के दौरान जब काम नहीं हुआ था, तब की भी सैलरी देने की मांग की तो कंपनी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. यह घटना सेक्टर 6 में रेडीमेड गारमेंट्स बनाने वाली कंपनी शिवालिक लिमिटेड की है.
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कंपनी के मेन गेट पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करते कर्मचारियों ने बताया कि वे अप्रैल महीने की सैलरी देने की मांग कर रहे हैं. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के मालिक प्रधानमंत्री की अपील को भी अनदेखा कर रहे हैं. कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने पिछले महीने किसी तरह लोगों से मांग कर उधार का राशन लेकर गुजारा किया. अब उन्हें वापस उन लोगों का पैसा भी देना होगा, लेकिन अगर कंपनी पैसे नहीं देगी तो ऐसे में वह लिया हुआ उधार कैसे चुका पाएंगे.
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इस संबंध में कंपनी के जनरल मैनेजर ने कहा कि मार्च महीने का पूरा वेतन दिया गया था. जबकि नौ दिन काम बंद रहा था. उन्होंने कहा कि हम मई महीने में भी 15 दिन की सैलरी एडवांस दे रहे हैं. जीएम ने कहा कि अप्रैल माह के वेतन को लेकर भी हम सरकार की गाइडलाइंस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं.
तनसीम हैदर