देश की पहली सी प्लेन (Sea Plane) सर्विस गुजरात में केवडिया से अहमदाबाद के बीच शुरू की गई थी, लेकिन ये सर्विस लंबे समय से बंद है. इसे लेकर कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढवाडिया ने विधानसभा में सवाल उठाए. वहीं सरकार ने विधानसभा में उनके सवालों के जवाब देते हुए बताया कि सी प्लेन सर्विस पर कितना रुपया खर्च किया गया था और इस सर्विस को क्यों बंद किया गया.
सरकार ने कहा कि सी प्लेन (Sea Plane) सर्विस पर अब तक 13.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसे महंगे रखरखाव के कारण बंद किया गया था.
क्या सवाल पूछे कांग्रेस नेता ने?
1) सी प्लेन सर्विस कब शुरू की?
2) क्या अभी सी-प्लेन सर्विस चालू है, इसर पर कितना खर्च किया?
3) सर्विस बंद होने की वजह किया है?
क्या जवाब दिया सरकार ने?
सरकार की ओर से जवाब में कहा गया कि 2020 में ये सी-प्लेन सर्विस शुरू की गई थी, फरेन रजिस्ट्रेशन एयरक्राफ़्ट और ऑपरेशन के ज़्यादा दाम, मेंटेनेंस के खर्च की वजह से 2021 में सी-प्लेन सेवा को बंद किया गया था.
सी-प्लेन सर्विस अधर में लटकी
जब भूपेन्द्र पटेल ने एक साल के लिए सत्ता संभाली थी तब उनकी सरकार में मंत्री पुर्णेश मोदी ने कहा था कि जल्द सी-प्लेन सर्विस को शुरू किया जाएगा, लेकिन तब से लेकर अब तक सी-प्लेन सर्विस शुरू नहीं हुई है.
2017 में हुए गुजरात चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्लेन से सफ़र कर अंबाजी गए थे, जब इस सर्विस को शुरू किया गया तो प्रधानमंत्री सी-प्लेन से केवडिया से अहमदाबाद आए थे. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए सीप्लेन सेवा शुरू की गई थी. जो शुरुआत के 10 दिनों तक चली. एक महीने से कम समय में सी-प्लेन को मेंटेनेंस के लिए मालदीव भेजना पड़ा था. अब करोड़ों रुपये की लागत से तैयार वाटर एयरोड्राम धूल खा रहा है. सुरक्षाकर्मी ख़ाली बैठे हैं, क्योंकि सी प्लेन मेंटेनेंस के लिए अभी भी मालदीव में है. ये कब तक वापस गुजरात लाया जाएगा, इस बारे में भी सरकार ने कुछ नहीं कहा है.
गोपी घांघर