सूरत क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने भोपाल के कुख्यात अपराधी राजू ईरानी उर्फ आबिद अली उर्फ रहमान डकैत को किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी लंबे समय से देश के कई राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और छह से अधिक राज्यों में वांटेड चल रहा था.
इन दिनों बॉलीवुड फिल्म धुरंधर में दिखाए गए किरदार ‘रहमान डकैत’ को लेकर चर्चा है, लेकिन सूरत पुलिस ने जिस रहमान डकैत को पकड़ा है, वह फिल्मी नहीं बल्कि असल जिंदगी का खतरनाक अपराधी है. सूरत पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित ‘ईरानी डेरा’ इलाके के अमन कॉलोनी का रहने वाला है.
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गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोज़िया ने मीडिया को बताया कि पुलिस इंस्पेक्टर जे.एन. गोस्वामी और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि भोपाल का कुख्यात अपराधी राजू ईरानी सूरत में किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से पहुंचा है. सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया.
पुलिस पूछताछ में आरोपी से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. जांच में पता चला कि राजू ईरानी भोपाल के ‘ईरानी डेरा’ इलाके का मुख्य सूत्रधार है और उसका नेटवर्क देश के 12 से ज्यादा राज्यों में फैला हुआ है.
कई राज्यों में फैला गैंग नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, राजू ईरानी और उसका भाई जाकिर अली मिलकर पूरे गिरोह को संचालित करते हैं. इनके अंडर में छह से ज्यादा अलग-अलग गैंग काम कर रहे हैं, जो देश के 14 से ज्यादा राज्यों में सक्रिय हैं. अभी भी आरोपी छह से अधिक राज्यों में वांटेड है.
राजू ईरानी का काम करने का तरीका बेहद संगठित है. वह खुद फील्ड में कम उतरता था और अलग-अलग गैंग को अलग-अलग राज्यों में भेजकर वारदातें करवाता था. कौन सी गैंग कहां जाएगी और क्या करेगी, यह सब वही तय करता था.
सीनियर सिटीजन थे मुख्य निशाना
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि ये सीनियर सिटीजन को टारगेट करते थे. कभी खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों से गहने ले लेना, तो कभी बैरिकेडिंग लगाकर वाहन चेकिंग के नाम पर नकदी और जेवरात लूट लेना इनके आम तरीके थे.
इसके अलावा जमीन पर कब्जा करना, हथियारों के साथ घूमना और चोरी के माल को आगे ठिकाने लगाना भी इनके काम में शामिल था. आरोपी के खिलाफ 10 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
भोपाल में कॉम्बिंग के बाद हुआ था फरार
पुलिस ने बताया कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा इलाके में बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग अभियान चलाया था. इस दौरान 150 से ज्यादा लोगों की जांच की गई थी, जिसमें 10 महिलाएं और 34 पुरुष पकड़े गए थे. इसके बाद से ही राजू ईरानी वहां से फरार चल रहा था.
राजू ईरानी और उसका भाई अपने शौक के लिए भी जाने जाते हैं. इनके पास लग्जरी कारें, महंगी बाइक और यहां तक कि घोड़े भी हैं. ये लोग अपराध की कमाई से आलीशान जिंदगी जीते थे.
जघन्य अपराधों में भी शामिल
पुलिस के अनुसार, एक ‘साबिर अली’ नाम के व्यक्ति द्वारा भोपाल में सूचना देने की आशंका पर आरोपी और उसके भाई ने उसे जिंदा जलाने की कोशिश की थी. इस जघन्य अपराध में भी इनकी संलिप्तता सामने आई है. गिरोह के कई सदस्य हथियारों के साथ पकड़े जा चुके हैं.
डीसीपी भावेश रोज़िया ने बताया कि आरोपी महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में घूमता रहा और अंत में सूरत पहुंचा था. यहां वह बैंक और अन्य ठिकानों को टारगेट कर वारदात की योजना बना रहा था, लेकिन उससे पहले ही सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
संजय सिंह राठौर