स्वामीनारायण संप्रदाय के धर्मगुरु ओर देश ओर दुनिया में अक्षरधाम मंदिर बनाने वाले स्वामी महाराज का अंतिम संस्कार बुधवार को सारंगपुर मंदिर में किया जाएगा. जिस जगह पर महाराज स्वामी का अंतिम संस्कार किया जाएगा उस जगह को गाय के गौबर से चबूतरे के आकार में बनाया गया है, इसी जगह पर चंदन की लकड़ी से चिता बनाई जाएगी.
मुखाग्नि के लिए 17 अगस्त को दोपहर 3 बजे का समय निर्धारित किया गया है. अबतक करीब 5 लाख से ज्यादा लोग स्वामी महाराज के पार्थिव शरीर का दर्शन कर चुके हैं. वैसे 17 तारीख को आखिरी दर्शन के लिए लाखों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. स्वामी महाराज की अंतिम इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार अपने इष्ट देव भगवान स्वामीनारायण और गुरु महाराज के सामने ही किया जाए.
शास्त्र विधि और हिन्दू परंपरा के मुताबिक मंत्रोच्चार के साथ के अंतिम संस्कार किया जाएगा. सबसे पहले वैदिक मंत्रोच्चार किया जाएगा. मुखाग्नि से पहले स्वामी महाराज के पार्थिव शरीर को पंचामृत से नहलाया जाएगा. जिसके बाद वहां उपस्थित संत स्वामी महाराज के चरणों की पूजा कर उनके मुख में गंगा जल अर्पण करेंगे. पार्थिव शरीर को नए प्रमुख महंत स्वामी और डॉक्टर स्वामी मुखाग्नि देंगे.
गोपी घांघर