गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए गठित हाई लेवल कमेटी की पहली बैठक हुई. बैठक का आयोजन नई दिल्ली स्थित गुजरात भवन में हुई. सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में गुजरात भवन में आयोजित बैठक में राज्य के लिए प्रस्तावित यूसीसी के प्रमुख उद्देश्यों, दायरे और रूपरेखा पर ध्यान केंद्रित किया गया.
बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न हितधारकों के साथ समावेशी विचार-विमर्श के माध्यम से मौजूदा कानूनों की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया. इसका उद्देश्य एक ऐसा प्रगतिशील और प्रभावी कानूनी ढांचा तैयार करना है, जो गुजरात राज्य के सभी नागरिकों के लिए न्याय, समानता और सामाजिक सद्भाव को सुनिश्चित करे.
समिति ने महिलाओं और बच्चों को समान अधिकार प्रदान करने और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष रूप से व्यक्तिगत कानूनों में समावेशिता, न्यायिक समानता और एकरूपता के महत्व पर जोर दिया. ये समिति गुजरात सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जो राज्य के भावी कानूनी ढांचे को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
बता दें कि भाजपा सरकार ने राज्य में यूसीसी की जरूरत का आकलन करने और इसके लिए एक विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए 4 फरवरी को रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था. समिति में रंजना देसाई के साथ 4 अन्य सदस्य भी शामिल हैं, जिनमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सीएल मीना, अधिवक्ता आरसी कोडेकर, वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ शामिल हैं.
ब्रिजेश दोशी