गुंडागर्दी रोकने को नया कानून लाएगी गुजरात सरकार, दोषी पाए जाने पर 10 साल की कैद

गुजरात गुंडा एंड एंटी सोशल एक्टिविटिज (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत दोषी पाए गए लोगों की प्रॉपर्टी सीज कर ली जाएगी. हालांकि मामला दर्ज करने पहले रेंज आईजी या पुलिस कमिश्नर की अनुमति लेनी होगी.

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गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (फोटो-आजतक) गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (फोटो-आजतक)

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 01 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 7:23 PM IST
  • नया कानून लाने की तैयारी में रूपाणी सरकार
  • इसके तहत अलग कोर्ट बनाने का प्रावधान है
  • गुंडागर्दी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना होगा

गुजरात में गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने जा रहा है. राज्य सरकार गुंडागर्दी करने वालों पर लगाम लगाने के लिए नया कानून लाने जा रही है. विजय रूपाणी सरकार गुजरात गुंडा एंड एंटी सोशल एक्टिविटिज (प्रिवेंशन) एक्ट लाने जा रही है.

इसके तहत सार्वजनिक जगहों पर हिंसा, धमकी, गुंडागर्दी को खत्म करने के इरादे से कार्रवाई की जाएगी. इस कानून के तहत गुंडागर्दी करने वाले को 10 साल तक की सख्त कैद होगी और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है. ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए अलग से कोर्ट होगी ताकि त्वरित सुनवाई हो सके.

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गुजरात गुंडा एंड एंटी सोशल एक्टिविटिज (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत दोषी पाए गए लोगों की प्रॉपर्टी सीज कर ली जाएगी. हालांकि मामला दर्ज करने पहले रेंज आईजी या पुलिस कमिश्नर की अनुमति लेनी होगी.

इससे पहले, गुजरात सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज (पीएएसए) एक्ट में संशोधन का फैसला लिया था. गुजरात सरकार को उम्मीद है कि इस एक्ट में संशोधन से शांति, भय रहित और सुरक्षित माहौल स्थापित किया जा सकता है. 

मुख्यमंत्री रूपाणी ने पीएएसए एक्ट में संशोधित कर उसमें एक्सटेंशन किया है. नए एक्सटेंशन के तहत साइबर क्राइम एक्टिविटीज, शारीरिक हिंसा और कमजोर वर्ग को डराने-धमकाने का मामला भी अब इसके अंतर्गत आएगा.साथ ही गैरकानूनी तरीके से लेन देन, जुआ, हफ्ता वसूली, महिलाओं पर अत्‍याचार या इससे जुड़े मामले भी अब पीएएसए एक्ट के तहत आएंगे. 

 

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