गुजरात: स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर 1200 रेजिडेंट डॉक्टर, मरीज परेशान

गुजरात के अहमदाबाद में स्टाइपेंट में बढ़ोतरी की मांग को लेकर 1200 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए जिससे मरीजों को इलाज में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धवल गमेती ने कहा, राज्य स्वास्थ्य विभाग हर तीन साल में स्टाइपेंड 40 प्रतिशत बढ़ाने पर सहमत हुआ था और यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू होनी थी लेकिन अब इस घटाकर 20 फीसदी कर दिया गया है.

Advertisement
यह Meta AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर है यह Meta AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर है

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद,
  • 02 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:45 AM IST

गुजरात के अहमदाबाद सिविल अस्पताल के लगभग 1,200 रेजिडेंट डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए जिससे रोगियों के इलाज में भारी दिक्कतें आ रही हैं.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक अधिकारियों द्वारा हड़ताल को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था करने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं, मरीजों और परिजनों ने असवारा स्थित सुविधा केंद्र में इलाज के लिए लंबे इंतजार की शिकायत की. यह सुविधा केंद्र बीजे मेडिकल कॉलेज से जुड़ा है जो राज्य के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है.

Advertisement

रेजिडेंट डॉक्टरों के अनुसार, जब तक कोई समाधान नहीं मिल जाता, वो हड़ताल के तहत ट्रॉमा सेंटर में देखभाल, इमरजेंसी और ओपीडी सेवाओं सहित सभी कामों से दूर रहेंगे.

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धवल गमेती ने कहा, राज्य स्वास्थ्य विभाग हर तीन साल में स्टाइपेंड 40 प्रतिशत बढ़ाने पर सहमत हुआ था और यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू होनी थी. हालांकि, इसे जुलाई तक लागू नहीं किया गया था जिसके बाद हमने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल से मुलाकात की. इस बारे में आश्वासन मिलने के बाद हमने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था.'

वादे से पीछे हट रही सरकार: जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन

गमेती ने कहा, 'हमें अब अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है क्योंकि हमें पता चला है कि राज्य सरकार ने केवल 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जो कि वादे का आधा है. इसके अलावा, राज्य सरकार ने अब कहा है कि स्टाइपेंड हर बार संशोधित किया जाएगा और तीन साल के बजाय पांच साल में यह होगा. यह स्वीकार्य नहीं है क्योंकि सरकार अपने वादे से पीछे हट गई है.

Advertisement

हड़ताल के कारण लोगों को परेशानी हो रही है, एक व्यक्ति ने कहा कि वह अपने रिश्तेदार को पीलिया के इलाज के लिए राजकोट से लाया था, लेकिन डॉक्टरों की अनुपलब्धता के बारे में बताया गया. परिजनों ने कहा, 'कई घंटों तक गलियारे में इंतजार करने के बाद हमें दूसरे दिन आना होगा.'

सभी मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द

वहीं इस स्थिति के बारे में बोलते हुए, सिविल अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक रजनीश पटेल ने कहा, 'सभी मेडिकल और और नॉन मेडिकल कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. हमने मरीजों की देखभाल के लिए ड्यूटी टाइम का समायोजन किया है और  अन्य जिला अस्पतालों से डॉक्टरों को बुलाया है. अभी वर्तमान में 130 डॉक्टर ड्यूटी पर हैं.'

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement