केजरीवाल सरकार के लाख दावों के बावजूद पानी की किल्लत दिल्ली के कई इलाकों में बरकरार है. 'समर एक्शन प्लान' की सच्चाई का अंदाजा आनंद पर्वत इलाके से लगाया जा सकता है.
एक तरफ सूरज का कहर, तो दूसरी तरफ चिलचिलाती धूप में पानी का इंतजार. आनंद पर्वत इलाके में ज्यादातर घर ऊंचाई पर बसे हुए हैं. इस इलाके में जब 'दिल्ली आजतक' की टीम पहुंची तो महिलाएं खाली बर्तन लेकर घर के बाहर इकट्ठी हो गईं. खाली बाल्टियां और डिब्बे इस बात की गवाही दे रहे हैं कि लोग किस तरह पानी की किल्लत से परेशान हैं.
सरकार से टाइम पर पानी देने की गुहार
आनंद पर्वत में पिछले 5 साल से रहने वाली पूनम का कहना है कि 3 दिन में एक बार पानी आता है जिसे थोड़ा-थोड़ा इस्तेमाल करना पड़ता है. अब चाहे कपड़े धोने हों,
नहाना या खाना पकाना हो. सवाल पूछने पर कहती हैं कि घर ऊंचाई पर है, टैंक पहुंचना मुश्किल है. दौड़ भाग में बच्चों को चोट लग जाती है. यह सरकार से टाइम पर
पानी देने की गुहार लगा रही हैं.
लोग बाजार से पानी खरीदने को मजबूर
दरअसल आनंद पर्वत इलाके में पाइप लाइन का जाल काफी ऊंचाई तक फैला हुआ है. असली समस्या तब आती है जब प्रेशर कम होने की वजह से एक घर में 200
लीटर पानी भी मुश्किल से भर पाता है. लोगों का कहना है कि पाइप लाइन में प्रेशर बहुत कम है. जो पानी आता है वो इतना गंदा है कि पीने लायक नहीं होता. लोग
बाजार से पानी की केन खरीदने को मजबूर हैं. लोग नई पाइप लाइन की मांग कर रहे हैं.
पिछले कई साल गुजर जाने के बाद भी आनंद पर्वत के ऊंचे इलाकों तक पानी की सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई है. सरकार दावा करती है कि हर इलाके के विधायक से सलाह मशवरा के बाद 'समर एक्शन प्लान' तैयार किया गया है. समर एक्शन प्लान के बावजूद लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. आनंद पर्वत इस बात का जीता जागता उदाहरण है.
सना जैदी / पंकज जैन