दिल्ली के कंझावला में हुए हादसे में अंजलि की दर्दनाक मौत की गुत्थी उलझती जा रही है. वैसे तो इस मामले में शामिल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने अपने बयान में कहा भी है कि वे शराब पी रहे थे और गाड़ी में तेज म्यूजिक बज रहा था, इसलिए अंजलि के चिल्लाने की आवाज नहीं सुनाई दी थी. मगर, अब उस रात अंजलि के साथ मौजूद रही उसकी दोस्त निधि ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
पहले ट्रक से एक्सीडेंट होते बचा था
निधि ने बताया कि जैसे ही हम होटल से थोड़ा आगे निकले वह गुस्सा करने लगी. बोली मेरी स्कूटी है. मुझे चाभी दो, मैं चलाऊंगी. नहीं तो स्कूटी से कूद जाऊंगी. मेरी उससे 10-15 दिन पहले ही मुलाकात हुई थी. लिहाजा मैंने स्कूटी उसे दे दी. उसने स्कूटी चलाना शुरू कर दिया. वह कह रही थी कि मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से ही शादी करूंगी. इसके बाद आगे वह ट्रक में स्कूटी भिड़ाने जा रही थी. मैंने पीछे से बैठकर ही ब्रेक मारे और स्कूटी साइड में की. फिर मैंने कहा कि ढंग से स्कूटी चलाएगी, तो ही चाभी दूंगी. वह बोल रही थी कि मैं ही स्कूटी चलाऊंगी. गनीमत थी कि उस वक्त हम बच गए, नहीं तो दोनों ही ट्रक के नीचे आ जाते.
फिर कार ने अपनी चपेट में ले लिया
थोड़ा और आगे बढ़ने पर सामने से आई कार ने टक्कर मार दी. निधि ने बताया कि मैं पीछे बैठी थी और टक्कर के बाद कार की उल्टी तरफ गिर गई. मेरे हाथ की कलाई में चोट आ गई. आंखों में भी लग गया था. मगर, अंजलि कार की तरफ गिरी और जाने कैसे कार में फंस गई. उसने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कार सवार गाड़ी को लगातार आगे-पीछे करते रहे. गाड़ी में कोई गाना नहीं चल रहा था, उन्हें सब दिख रहा था, लेकिन कोई मदद नहीं की. इस दौरान अंजलि लगातार चीखती रही.
शायद वो सोच रहे थे कि इससे लड़की नीचे गिर जाएगी और वे एक्सीडेंट होने के बाद वहां से भागने लगे. गाड़ी में बैठे युवकों ने जानबूझकर अंजलि को इतने किलोमीटर तक घसीटा था. अगर, वो कार से उतरकर देखते, तो शायद अंजलि की जान बच सकती थी.
हादसे के बाद घर चली गई थी निधि
अंजलि की दोस्त ने बताया कि वह हादसे के बाद बहुत डर गई थी. वह सोच रही थी कि वह किसी मुश्किल में न पड़ जाए, तो अपने घर चली गई थी. निधि ने कहा कि उसका दिमाग सन्न हो गया था. उसे कुछ सूझ नहीं रहा था. उस समय मुझे सिर्फ ये ठीक लगा कि मैं अपने घर चली जाऊं. मेरे घर में मेरी मां और नानी थीं. मैंने उन्हें घटना के बारे में सबकुछ बताया था.
निधि का बयान काफी महत्वपूर्ण:
निधि के बयान मायने क्यों रखते हैं?अब इस पूरे मामले की एक अहम कड़ी निधि इसलिए भी बन गई है क्योंकि वो इकलौती वो चश्मदीद है जो उस समय अंजलि के साथ मौजूद थी. निधि वो पहला चेहरा है, जो अंजलि के साथ आखिरी वक्त रहा, निधि वो पहला चेहरा है, जिसने हादसा अपनी आंखों से देखा है, निधि वो पहला चेहरा है, जिसके साथ 31 दिसंबर की शाम से रात 2 बजे कार से टक्कर के वक्त तक अंजलि रही, निधि वो पहला चेहरा है, जिसने सबसे पहले कार को टक्कर मारते और अंजलि को कार से घसीटकर ले जाते देखा है, निधि वो पहला चेहरा है, जिसका धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज हुआ है.
अरविंद ओझा