दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में शौचालय शुल्क हटाने के अभियान को प्रदेश बीजेपी ने महिला सम्मान से जोड़ा है. पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री सरदार आर पी सिंह ने कहा कि अब दिल्ली की 6 लाख झुग्गियों में रहने वाली माताओं और बहनों की लड़ाई सिर्फ यहीं खत्म नहीं होंगी, अब सरकार अबिलम्ब इनके निशुल्क स्नान घरों की व्यवस्था करें. साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी कई सुविधाओं से वंचित झुग्गीवासियों को लेकर पार्टी अपने अभियान को और तेज करेगी.
गौरतलब है मनोज तिवारी ने विगत दिनों दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में प्रवास किया था. रात्रि विश्राम के दौरान झुग्गीवासियों ने अपनी तमाम समस्याएं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष तिवारी के सामने रखी थीं. इनमें शौचालय और स्नानघरों की समस्या भी निकल कर आई थी. तब तिवारी ने इस मामले को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के समक्ष सरदार आर पी सिंह के साथ जा कर रखा था. इस पर संज्ञान लेते हुए अनिल बैजल ने शौचालय में लगने वाले शुल्क को हटाने का निर्देश जारी किया था.
इस बाबत आरपी सिंह ने बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में एक पत्रकारवार्ता बुलाई थी, जहां पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि दिल्ली की 6 लाख झुग्गियों मे लगभग 18 लाख महिलाएं रहती हैं और हर माह स्नान और शौचालय के लिए उनसे लगभग 21 करोड़ 60 लाख की वसूली की जाती हैं. उन्होंने कहा कि आम आदमी की बात करने करने वाली दिल्ली सरकार महिलाओं की इस बड़ी समस्या से बेखबर है.
आरपी सिंह ने कहा कि खर्च से बचने के लिए लाखों महिलाएं खुले में शौच और स्नान करने के लिए मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि गरीबी और लाचारी के चलते झुग्गी बस्ती की लाखों महिलाएं खुले में शौच और स्नान करने से शर्मसार हैं. लेकिन दिल्ली की बेशर्म केजरीवाल सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रहा है. उन्होंने कहा कि जहां खुले में शौच करने से लाखों महिलाएं अपमानित हो रही हैं, वहीं ऐसी व्यवस्था के चलते झुग्गी बस्तियों के आसपास गंदगी और बीमारी का माहौल बना हुआ है.
सिंह ने कहा 'मैं विगत कई वर्षों से इस समस्या को लेकर आवाज उठा रहा हूं और मैंने ऐसी ही एक झुग्गी बस्ती में अपने विधायक काल के दौरान कुछ स्नानघर बनवाए, लेकिन यह दिल्ली के लाखों झुग्गीवासी महिलाओं की जरूरत है, इसलिए मैं दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल से निवेदन करता हूं कि वह मुफ्त शौचालय की व्यवस्था के साथ-साथ दिल्ली की झुग्गी बस्तियों को महिलाओं के स्नान के लिए मुफ्त स्नानघर की व्यवस्था करें'.
मणिदीप शर्मा