मॉनसून सत्र के खत्म होने के बाद भी सियासत का दौर जारी है. पूरा विपक्ष मोदी सरकार को घेरने के लिए गुरुवार को विजय चौक पर एकजुट होने जा रहा है. इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल होंगे. कहा जा रहा है कि जिन मुद्दों को सदन में उठाने का मौका नहीं मिला, अब उन्हें जनता के बीच उठाया जाएगा.
विजय चौक विपक्ष का नया राजनीतिक अखाड़ा
विपक्ष ने लगातार आरोप लगाया है कि केंद्र ने सदन में विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया. जिन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, उन पर चर्चा का मौका नहीं मिला. मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष ने मांग की थी कि उन्हें पेगासस मुद्दे पर बहस करनी है. लेकिन उस मुद्दे पर सिर्फ और सिर्फ हंगामा हुआ, आरोप- प्रत्यारोप का दौर रहा और फिर मॉनसून सत्र खत्म हो गया. ऐसे में अब विजय चौक विपक्ष का नया राजनीतिक अखाड़ा होने जा रहा है जहां पर वे केंद्र पर निशाना भी साधेंगे और कई सवाल भी दागते दिख जाएंगे.
विपक्ष का तो ये भी आरोप रहा है कि केंद्र खुद सदन के अंदर मुद्दों से भागा है. जिस भी मुद्दे पर बहस होनी चाहिए थी, सरकार ने उन सभी मुद्दों को या तो नजरअंदाज कर दिया या फिर उन पर बहस ही नहीं होने दी. ऐसे में अब गुरुवार को एक तरफ विपक्ष एकजुटता देखने को मिल सकती है, वहीं दूसरी तरफ सभी दल साथ मिलकर सरकार पर दवाब बनाने का प्रयास भी करेंगे.
ये पूरा कार्यक्रम कल सुबह 10 बजे शुरू हो जाएगा. पहले सभी दल सदन के रूप नंबर 43 में मिलेंगे और वहां पर विस्तार से चर्चा होगी. मॉनसून सत्र और आगे की रणनीति को लेकर बातचीत हो सकती है. इसके बाद गांधी प्रतिमा के पास जाया जाएगा और फिर वहां से मार्च शुरू होगी. जानकारी मिली है कि इस दौरान प्रेस से भी बात की जाएगी. इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस, DMK, TMC, SP, NC, RJD, AAP, CPM जैसे तमाम बड़े दल शामिल होंगे.
सिब्बल की डिनर वाली राजनीति
वैसे इस विरोध प्रदर्शन के कई राजनीतिक मायने भी माने जा रहे हैं. 2024 के चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ पूरे विपक्ष की साथ आने रणनीति किसी से नहीं छिपी है. हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भी अपने घर पर तमाम विपक्षी दल के नेताओं को डिनर पर बुलाया था. ऐसा कहा गया कि उस डिनर के दौरान सिब्बल ने बीजेपी के खिलाफ एकजुट विपक्ष की पैरवी की थी. कपिल सिब्बल की इस दावत में शरद पवार, लालू प्रसाद यादव, शरद यादव, अखिलेश यादव, सीताराम येचुरी, संजय राउत, डेरेक ओ ब्रायन समेत अन्य कई नेता शामिल रहे.
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