दिल्लीः जहरीली हवा से बच्चों के मानसिक विकास पर भी पड़ेगा असर! डॉ. त्रेहन ने चेताया

मेदांता ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर नरेश त्रेहन ने जहरीली हवा को लेकर कहा कि वायु प्रदूषण से हर कोई पीड़ित होगा. लोग सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ आदि की शिकायत कर रहे हैं, खासकर अस्थमा और फेफड़ों की समस्या वाले लोग.

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मेदांता ग्रुप के चेयरमैन और एमडी डॉक्टर नरेश त्रेहन मेदांता ग्रुप के चेयरमैन और एमडी डॉक्टर नरेश त्रेहन

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:41 PM IST
  • वायु प्रदूषण से हर कोई पीड़ित होगाः डॉक्टर नरेश त्रेहन
  • दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर डॉक्टर गुलेरिया ने भी चेताया
  • दिवाली के दिन पटाखे छोड़े जाने से हवा का स्तर बेहद खराब

दिवाली के दिन पटाखों और आतिशबाजी पर प्रतिबंध के बावजूद राजधानी दिल्ली- एनसीआर में जमकर पटाखे छोड़े गए जिससे प्रदूषण का स्तर बेहद गिर गया. फिजा में हवा इतनी जहरीली हो गई है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है. बेहद खराब हुए प्रदूषण के बारे में मेदांता के चेयरमैन डॉक्टर नरेश त्रेहन ने चेताते हुए कहा कि इससे बच्चों के मस्तिष्क के विकास भी प्रभावित हो सकता है.

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मेदांता ग्रुप के चेयरमैन और एमडी डॉक्टर नरेश त्रेहन ने कहा कि वायु प्रदूषण से हर कोई पीड़ित होगा. लोग सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ आदि की शिकायत कर रहे हैं, खासकर अस्थमा और फेफड़ों की समस्या वाले लोग. छोटे बच्चे बहुत नाजुक होते हैं और यह प्रदूषण उनके मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकता है.
 
डॉक्टर त्रेहन कहा कि अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं. इसलिए यह हमारे लिए मुश्किल दौर है. हर साल हम इस समस्या का सामना करते हैं लेकिन इसका समाधान निकालने या इसे सही करने में हम नाकाम रहे.

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प्रदूषण में बढ़ेंगे कोरोना के मामलेः गुलेरिया 

इससे पहले AIIMS डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी जहरीली हवा के बारे में बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण कोरोना मामलों को भी बढ़ा सकता है.

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आजतक से खास बात करते हुए डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि प्रदूषण जहां पर ज्यादा रहता है, वहां कोरोना भी ज्यादा घातक साबित हो सकता है. इस वजह से फेफड़ों में सूजन भी आ सकती है. गुलेरिया ने ये भी बताया कि प्रदूषण की वजह से कोरोना वायरस लंबे समय तक हवा में रह सकता है. ऐसे में फिर राजधानी में मामले बढ़ते का डर है.

डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने इस बात पर भी चिंता जताई कि वायु प्रदूषण की वजह से दिल्ली में लोगों की जिंदगी छोटी हो गई है. वे कम उम्र में खतरनाक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. AIIMS डायरेक्टर की माने जितना नुकसान सिगरेट के धुएं से नहीं होता, उससे कहीं ज्यादा इन प्रदूषण की वजह से हो रहा है.

राजधानी दिल्ली में आज शनिवार को शुक्रवार की तरह ही घना कोहरा छाया रहा. सिर्फ दिल्ली ही नहीं शुक्रवार को गाजियाबाद और नोएडा तक ज्यादातर जगहों पर एक्यूआई का स्तर 999 था. इसके अलावा पटाखे चलने के चलते धुंए का कोहरा हर तरफ छाया था और विजिबिलिटी बेहद कम हो गई थी. दिल्ली की हवा की गुणवत्ता अभी भी 'गंभीर (Severe)' श्रेणी में है. शनिवार सुबह AQI यहां 533 'गंभीर' स्तर पर रहा. 

 

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