दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस बीएमएनवीवीं चावला की पीठ ने कलाकारों की अर्जियों पर सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सिंगल जज ने सरकारी बंगला खाली करने के केंद्र सरकार के नोटिस को चुनौती देने वाली अर्जियां खारिज कर दी थीं. साथ ही सरकारी आवास 2 महीने में खाली करने का निर्देश दिया था. लिहाजा अब शास्त्रीय गायिका और नाट्य कलाकार ऋता गांगुली को सरकारी बंगला खाली करना होगा.
इस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने कहा कि 2 महीने की मोहलत देकर एकल जज पीठ ने काफी उदारता दिखाई है. अब एक दिन भी नहीं मिलेगा. कोर्ट ने मोहिनीअट्टम, नृत्यांगना भारती शिवाजी, कुचीपुड़ी नर्तक गुरु वी जयराम राव, मायाधर राउत, ध्रुपद गायक उस्ताद एफ वसीफुद्दीन डागर, रानी सिंघल, कथक गुरु गीतांजलि लाल, केआर सुबाना, कमल साबरी, देवराज डाकोजी, कमलिनी, जतिन दास, पंडित भजन सोपोरी और ऋता गांगुली की अर्जियों पर यह फैसला सुनाया.
इस मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने और मोहलत देने से इनकार कर दिया. गांगुली ने एकल जज पीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें सरकारी आवास खाली करने की कहा गया था. गांगुली और अन्य कलाकारों को दिल्ली में आवंटित सरकारी बंगलों को अप्रैल के अंत तक खाली करने को कहा गया है. साथ ही कोर्ट ने एक दिन की भी मोहलत देने से इंकार कर दिया.
कोर्ट ने कहा कि एकल जज पीठ ने सरकारी आवास खाली करने के लिए 2 माह का वक्त देने में पहले ही काफी उदारता दिखाई है. कोर्ट ने 81 वर्षीय गांगुली के वकील को आगाह किया कि अगर उन्होंने एक जज की पीठ का आदेश नहीं माना, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा. दरअसल केंद्र ने कई शास्त्रीय कलाकारों को मकान खाली करने का नोटिस दिया था. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट के सिंगल जज ने कलाकारों की अर्जियां 25 फरवरी को खारिज कर दी थीं.
संजय शर्मा