दिल्ली के व्यापारी संगठनों ने लगाया स्वैच्छिक लॉकडाउन, 3 मई के बाद भी नहीं खुलेंगे बाजार

दिल्ली के व्यापारी संगठनों ने ऐलान कर दिया है कि वे तीन मई के बाद भी अपनी दुकानें नहीं खोलने जा रहे हैं. उनकी तरफ से स्वैच्छिक लॉकडाउन लगाया जाएगा.

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प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो पीटीआई) प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो पीटीआई)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 30 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST
  • दिल्ली के व्यापरी संगठनों का बड़ा फैसला
  • लगाया गया स्वैच्छिक लॉकडाउन
  • केजरीवाल से लॉकडाउन बढ़ाने की मांग

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती जा रही है. एक तरफ मौत के आंकड़े भी डराने लगे हैं, वहीं संक्रमण दर में भी काफी इजाफा हो रहा है. राज्य सरकार ने लॉकडाउन तो लगा दिया है, लेकिन कोरोना की चेन टूट नहीं रही है. ऐसे में कयास लग रहे हैं कि इस लॉकडाउन को तीन मई के बाद भी आगे बढ़ाया जा सकता है. इस बीच दिल्ली के व्यापारी संगठनों ने बड़ा फैसला लिया है.

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व्यापरी संगठनों ने लगाया स्वैच्छिक लॉकडाउन

दिल्ली के व्यापारी संगठनों ने ऐलान कर दिया है कि वे तीन मई के बाद भी अपनी दुकानें नहीं खोलने जा रहे हैं. उनकी तरफ से स्वैच्छिक लॉकडाउन लगाया जाएगा. ये फैसला  कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा बुलाई गई एक वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग में 150 से अधिक प्रमुख व्यापारी संगठनों के नेताओं ने सर्वसम्मति से लिया. वैसे व्यापारी संगठनों को उम्मीद है कि केजरीवाल सरकार भी कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन को आगे बढ़ा देगी. सरकार की तरफ से इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. 

केजरीवाल को लिखा पत्र

जानकारी मिली है कि कैट की तरफ से दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उपराजयपाल अनिल बैजल को एक पत्र लिखा गया है. उस पत्र में भी इसी बात पर चिंता जाहिर की गई है कि लॉकडाउन लगाने के बाद भी कोरोना की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है. इसी वजह से लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की अपील हुई है. कैट के राष्ट्रिय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की ऐसा देखा गया है की लॉकडाउन के बावजूद दिल्ली में बड़ी संख्यां में लोग इधर उधर घूम रहे हैं जिससे लॉकडाउन लगाने का महत्व ही समाप्त हो रहा है.

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दिल्ली में नहीं टूटी कोरोना की चेन

खंडेलवाल की तरफ से इस बात पर भी जोर दिया गया है कि  पिछले एक सप्ताह में चिकित्सा व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं आया है. अस्पतालों में बेड की कमी, ऑक्सीजन की किल्लत, कोरोना सम्बंधित दवाइयों का न मिलना, ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर का अभाव आदि की स्तिथि पूरे तौर पर बनी हुई है. यदि दुकानें खुलती हैं और यदि किसी व्यापारी, उनके कर्मचारी अथवा ग्राहक कोरोना से ग्रसित हो गए तो वर्तमान हालातों में आवश्यक चिकित्सा मिलना बहुत मुश्किल है. इसी खतरे को देखते हुए दिल्ली में बाजार ना खोलने की मांग की जा रही है. मालूम हो कि दिल्ली में पहले ही एक बार लॉकडाउन को बढ़ाया जा चुका है. उस समय भी केजरीवाल की तरफ से ये फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं जवाब देने लगी थीं.

लेकिन लंबे लॉकडाउन के बाद भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, ऐसे में सभी 3 मई का इंतजार कर रहे हैं, जब इस बात से पर्दा उठेगा कि दिल्ली में लॉकडाउन बढ़ने वाला है या नहीं.

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