दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शनिवार को एक बार फिर नॉर्थ एमसीडी की ओर से बनाए जा रहे रानी झांसी रोड ग्रेड सेपरेटर का दौरा किया. आपको बता दें कि ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरणों में है. एमसीडी जून अंत तक इसे ट्रैफिक के लिए खोलना चाहती है.
एलजी अनिल बैजल अधिकारियों समेत रानी झांसी ग्रेड सेपरेटर की कंस्ट्रक्शन साइट पर पहुंचे. उनके साथ नॉर्थ एमसीडी कमिश्नर मधुप व्यास और ट्रैफिक पुलिस के अलावा अन्य एजेंसियों से संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे. बैजल ने निर्माणाधीन रानी झांसी ग्रेड सेपरेटर के विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को यातायात हेतु एक व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि रानी झांसी ग्रेड सेपरेटर के सार्वजनिक रूप से शुरू होने के बाद वहां ट्रैफिक में इजाफा हो सकता है. इसके अलावा उपराज्यपाल ने ग्रेड सेपरेटर के आसपास सौंदर्यीकरण के कार्य को तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया.
आपको बता दें कि उपराज्यपाल इससे पहले भी कई बार इस फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का जायज़ा ले चुके हैं. यही वजह है कि नॉर्थ एमसीडी तेज़ी से इसे पूरा करने में भी लगा है.
भारी वाहनों का प्रवेश होगा बंद
नॉर्थ एमसीडी के मुताबिक रानी झांसी ग्रेड सेपरेटर का काम लगभग 90 फीसदी पूरा हो गया है. बचा हुआ काम तेज़ी से पूरा हो इसके लिए तीस हज़ारी कोर्ट से लेकर फिल्मिस्तान तक रानी झांसी रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. ये पाबंदी 15 मई तक के लिए जारी रहेगी.
एमसीडी अधिकारियों ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से इस बारे में बात करके प्रवेश करने वालों से जुर्माना वसूलने की तैयारी भी कर ली है. इसके अलावा नॉर्थ एमसीडी ने इस स्ट्रेच पर बैलगाड़ी और हाथ ठेला गाड़ी के आवागमन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है. नॉर्थ एमसीडी के मुताबिक उसकी कोशिश है कि 30 जून तक रानी झांसी ग्रेड सेपरेटर का काम पूरा कर लिया जाए.
रवीश पाल सिंह / सना जैदी