हैदराबाद की घटना के बाद देशभर की महिलाओं के बीच खौफ को खत्म करने के लिए अब दिल्ली नगर निगम आगे आया है. दिल्ली में पहली बार महिलाएं घर से देर रात तक बाहर निडर होकर निकल सकें, इसके लिए नॉर्थ एमसीडी ने करोल बाग के अजमल खान रोड में 'गर्ल्स स्टेप आउट एट नाइट' नाम से दो दिवसीय प्रोग्राम की घोषणा की है.
यानी दिल्ली में पहली बार महिलाओं के लिए लेट नाइट फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है. शाम 7:00 बजे से देर रात तक चलने वाले दो दिवसीय इस कार्यक्रम में महिलाओं के लिए खास तौर पर तरह-तरह के इंतजाम होंगे. इस फेस्टिवल के जरिए महिलाओं के डर को दूर करने की कोशिश की जाएगी.
2 दिन के कार्यक्रम के लिए निगम की कोशिश
यहां देर रात तक शॉपिंग के अलावा महिलाएं म्यूजिक बैंड, कल्चरल प्रोग्राम डिबेट, स्टैंड अप कॉमेडी, मूवी प्रेजेंटेशन, स्ट्रीट प्ले जैसे कार्यक्रमों का लुफ्त उठा पाएंगे. 2 दिन के कार्यक्रम के लिए नगर निगम की कोशिश है कि महिलाएं निडर होकर अकेले देर रात तक घर से बाहर घूम सकें.
नगर निगम के इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो समेत आधा दर्जन एनजीओ भी हिस्सा ले रहे हैं. निगम की इस पहल में साहित्य कला परिषद, राहगीरी एनजीओ, यूएन विमेन, दिल्ली सरकार, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस जैसी संस्थाएं पार्टनर बनी है.
कार्यक्रम के आयोजन के पीछे का मकसद
कमिश्नर वर्षा जोशी कहती हैं 'हम चाहते हैं कि दिल्ली में महिलाएं स्वतंत्र रूप से देर रात तक घूम सकें, अपना स्पेस क्लेम कर सकें, इससे उनके मन से डर हटेगा, इसीलिए इस कार्यक्रम का नाम गर्ल्स स्टेप आउट एट नाइट रखा है. 2 दिन शाम 7:00 से रात 11:00 बजे तक अजमल खां रोड पूरी तरह से महिलाओं के लिए होगी. हालांकि, उनके साथ पुरुष भी आ सकेंगे, इसमें कोई मनाही नहीं है.'
मेट्रो कनेक्टिविटी के साथ ऊबर से टाइअप
करोल बाग के इस कार्यक्रम में स्ट्रीट प्ले, गणेश वंदना, फोक डांस, मूवी स्क्रीनिंग, म्यूजिक बैंड, फ्लैश मोब, जुंबा जैसे कार्यक्रम होंगे लेकिन देर रात तक वहां रुकना और फिर वापस जाना महिलाओं के लिए कितना सुरक्षित होगा, इस पर वर्षा जोशी कहती हैं, 'पूरी तरह से सुरक्षित होगा. दिल्ली पुलिस के लोग वहां होंगे.'
उन्होंने कहा कि जहां महिलाएं ज्यादा संख्या में होती हैं, वहां पर उनके खिलाफ दुर्व्यवहार होना ना के बराबर होता है. साथ ही उन्होंने कहा, 'अजमल खां रोड दिल्ली की सेंट्रल है, ऐसे में मेट्रो कनेक्टिविटी तो मिलेगी ही, इसके अलावा हमने ऊबर से टाइअप किया है.'
बहरहाल, दिल्ली में यह अपने तरीके की पहली पहल है. देखना यह होगा कि इस पहल का दिल्ली पर कितना असर होता है.
अंकित यादव