राजधानी दिल्ली त्योहार के मौसम में नेताओं के पोस्टरों से पटी हुई है. हर गली-मौहल्ले में कार्यकर्ता अपने नेता और पार्टी के पोस्टर लगाकर लोगों के बधाई दे रहे हैं या फिर किसी नेता के जन्मदिन पर यह पोस्टर लगाए जाते हैं. लेकिन दिल्ली की जनता के लिए ये पोस्टर किसी परेशानी से कम नहीं हैं.
साउथ दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में हर गली-चौराहे पर लगे बिजली के पोल्स पर नेताओं के बड़े-बड़े पोस्टर लगे हुए हैं, जिनपर बधाई संदेश लिखे हैं. यह पोस्टर सिर्फ नगर निगम में सत्ताधारी बीजेपी के नहीं हैं बल्कि दिल्ली सरकार और सत्ता से दूर रहने वाली कांग्रेस भी इस पोस्टर गेम में पीछे नहीं है.
पोस्टर्स के जरिए हर नेता या कार्यकर्ता अपनी राजनीति चमकाता नजर आता है और इस राजनीति चमकाने के चक्कर में स्थानीय जनता दिक्कत में है. ग्रेटर कैलाश RWA के लोगों ने इस बाबत कई बार एमसीडी से शिकायत कि इन पोस्टरों के जरिए इलाके में गंदगी और कचरा फैलता है. लेकिन एक बार दो बार कार्रवाई होने के बाद समस्या जस की तस बनी हुई है.
इलाके में रहने वाले RWA के पदाधिकारियों की माने तो एमसीडी की तरफ से कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति के लिए की जाती है, जिसकी वजह से त्योहार बीत जाने के बाद भी नेताओं के पोस्टर सड़कों पर जस के तस लगे रहते हैं. एमसीडी के ढुलमुल रवैया ही ऐसी हरकतों को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है.
पोस्टरों की भरमार सिर्फ साउथ दिल्ली ही नहीं बल्कि पूर्वी दिल्ली के हर वार्ड और हर विधानसभा के अंदर भी दिखाई देती है. सड़कों से लेकर फ्लाईओवर्स और लाइन से लगे बिजली के खंबों पर नेताओं को जन्मदिन की बधाई देने वाले पोस्टर यहां भी लगाए जाते हैं.
इस मुद्दे पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर विपिन बिहारी ने कहा कि एमसीडी की ओर से समय-समय पर अवैध होर्डिंग लगाने पर कार्रवाई की जाती है. लेकिन दिल्ली की सड़कों पर जिस तरीके से होर्डिंग से लगे हैं उनमें ज्यादातर आम आदमी पार्टी के हैं क्योंकि आम आदमी पार्टी के पास प्रचार प्रसार के लिए मोटा बजट है जो कि इस तरीके से प्रचार करते हैं.
सुशांत मेहरा