दिल्ली में पहली बार हवा से बनने वाली से आपका घर जगमगाएगा. दक्षिणी और पश्चिमी दिल्ली में बिजली वितरण का काम देखने वाली कंपनी बीएसईएस राजधानी ने अपने उपभोक्ताओं के लिए तमिलनाडु और गुजरात से 10 मेगावाट बिजली खरीदेगी. इसके लिए बीएसईस राजधानी ने केंद्र सरकार की कंपनी पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से समझौता किया है. दिल्ली को ये 100 मेगावाट बिजली 18 महीने बाद यानि नवंबर 2018 से मिलेगी. ये समझौता अगले 25 सालों तक लागू रहेगा और बिजली की कीमत 3 रुपए 46 पैसे प्रति यूनिट तय की गई है.
हिंदुस्तान में पहली दफा हवा से बनने वाली बिजली के लिए बोली लगाई गई। जिसमें 4 कंपनियों को कामयाबी हासिल हुई. इन चार कंपनियों में से तीन यानि माइत्रा, सेंबकॉर्प और इनॉक्स विंड तो तमिलनाडु में बिजली का उत्पादन करेगी, वहीं ऑस्ट्रो एनर्जी नाम की कंपनी गुजरात में हवा से बिजली बनाएगी. चारों कंपनियां मिलकर तकरीबन 1000 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेंगी. इससे पहले हवा से बनने वाली बिजली की एक कीमत निश्चित रहती थी, उस निश्चित कीमत के अलावा हर राज्य तक उस बिजली को पहुंचाने की कीमत और जुड़ कर लगती थी.
दरअसल इन दिनों केंद्र सरकार का जोर हर राज्य में रिन्यूएबल बिजली को बढ़ावा देने का है. इसी क्रम में विंड एनर्जी के अलावा सोलर एनर्जी के कई प्रोजेक्ट को भी सरकार आने वाले समय में बढ़ावा दे रही है.
कुमार कुणाल