क्या रद्द की जा सकती है DU की ओपन बुक परीक्षा? HC ने UGC-MHRD से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट 7 जुलाई की शाम 4:00 बजे इस मामले में दोबारा सुनवाई करेगा. इसमें यूजीसी और एचआरडी मिनिस्ट्री की तरफ से कोर्ट में आने वाले जवाब के बाद यह साफ हो पाएगा कि क्या परीक्षा रद्द होगी या नहीं.

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पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 11:25 PM IST

  • यूजीसी और एमएचआरडी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा
  • 7 जुलाई तक देना होगा जवाब, 10 जुलाई से होनी है परीक्षा

दिल्ली यूनिवर्सिटी में 10 जुलाई को ऑनलाइन ओपन परीक्षा होनी है. यह परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को हाईकोर्ट ने यूजीसी और एचआरडी मिनिस्ट्री से 7 जुलाई की शाम 4:00 बजे तक स्पष्ट करने को कहा कि क्या इन परीक्षाओं को रद्द किया जा सकता है?

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दिल्ली हाईकोर्ट 7 जुलाई की शाम 4:00 बजे इस मामले में दोबारा सुनवाई करेगा. इसमें यूजीसी और एचआरडी मिनिस्ट्री की तरफ से कोर्ट में आने वाले जवाब के बाद यह साफ हो पाएगा कि क्या 10 जुलाई को दिल्ली यूनिवर्सिटी में होने वाली ऑनलाइन ओपन परीक्षाएं रद्द की जा सकती हैं या नहीं.

हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से भी पूरे देश के छात्रों का रिकॉर्ड मांगा है. हाईकोर्ट ने डीयू को कहा कि हर राज्य के कितने छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं, उसका पूरा डेटा कोर्ट के सामने रखा जाए.

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दिल्ली हाई कोर्ट ने यह आदेश उस याचिका पर दिया, जिसमें 10 जुलाई को होने वाली ऑनलाइन ओपन परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया कि कई राज्यों में छात्रों के लिए यह परीक्षा देना संभव नहीं है. मसलन असम में अभी बाढ़ के हालात हैं. कई और रिमोट एरियाज में भी इंटरनेट जैसी सुविधाएं नहीं हैं.

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याचिका में कहा गया है कि अंतिम वर्ष की ये परीक्षाएं अगस्त-सितंबर में कराने की योजना थी, ऐसे में बहुत सारे छात्र अभी फिलहाल नौकरी कर रहे हैं, या कुछ देश के बाहर हैं. यह परीक्षाएं अगर 10 जुलाई को कराई जाती है तो बहुत सारे छात्र इन परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाएंगे.

वकील आकाश सिन्हा और शुभम साकेत की तरफ से लगाई गई इस याचिका में छात्रों की कई व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में कोर्ट को बताया गया है, जिसके चलते 10 जुलाई को छात्रों के लिए इस परीक्षा में शामिल होना संभव नहीं है. यूजीसी की तरफ़ से इस मामले में एक कमेटी का गठन भी किया गया था जो परीक्षाओं को लेकर ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है. कोर्ट ने कल इस रिपोर्ट को भी सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने रखने के आदेश दिए हैं.

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