दिल्ली में शुरू हुआ देश का पहला प्लाज्मा बैंक, जानिए कौन-कौन कर सकता है डोनेट

कोरोना मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी काफी कारगर साबित हो रही है. हालांकि प्लाज्मा थेरेपी के लिए एक प्रोटोकॉल बनाया गया है और प्लाज्मा थेरेपी उसे ही दी जाती है जो प्रोटोकॉल के तहत फिट है.

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दिल्ली में हुई प्लाज्मा बैंक की शुरुआत (फोटो: PTI) दिल्ली में हुई प्लाज्मा बैंक की शुरुआत (फोटो: PTI)

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 12:00 AM IST

  • राजधानी दिल्ली में शुरू हुआ देश का पहला प्लाज्मा बैंक
  • कोरोना से ठीक हुए लोग यहां दान कर सकते हैं प्लाज्मा

दिल्ली में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों मिलकर इस समस्या से निपटने की कोशिश कर रही हैं. इसी क्रम में गुरुवार को दिल्ली में कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए एक प्लाज्मा बैंक की शुरुआत की गई है. यह देश का पहला प्लाज्मा बैंक है.

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आपको बता दें कि कोरोना मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी काफी कारगर साबित हो रही है. हालांकि प्लाज्मा थेरेपी के लिए एक प्रोटोकॉल बनाया गया है और प्लाज्मा थेरेपी उसे ही दी जाती है जो प्रोटोकॉल के तहत फिट है. दिल्ली में प्लाज्मा बैंक खुलने से कोरोना मरीजों के इलाज में काफी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है. बता दें कि अब इस प्लाज्मा बैंक में कोरोना से ठीक हो चुके लोग अपना प्लाज्मा दान कर सकते हैं.

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ये लोग दान कर सकते हैं प्लाज्मा

दिल्ली प्लाज्मा बैंक को चलाने वाले अस्पताल इंस्टिट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलिअरी साइंसेस (ILBS) के डायरेक्टर एस के सरीन के मुताबिक ऐसे लोग अपना प्लाज्मा कोरोना मरीजों के इलाज के लिए डोनेट कर सकते हैं जो...

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- कोरोना पॉजिटिव हुए हों

- अब निगेटिव हो गए हों

- ठीक हुए 14 दिन हो गए हों

- स्वस्थ महसूस कर रहे हों और प्लाज्मा डोनेट करने के लिए उत्साहित हों

- उनकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो

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ऐसे लोग नहीं दे सकते प्लाज्मा

इंस्टिट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलिअरी साइंसेस के डायरेक्टर एस के सरीन के मुताबिक ऐसे लोग प्लाज्मा नहीं दे सकते हैं...

- जिनका वजन 50 किलोग्राम से कम है

- महिला जो कभी भी प्रेग्नेंट रही हो या अभी हो

- डायबिटीज के मरीज जो इंसुलिन ले रहे हों

- ब्लड प्रेशर 140 से ज्यादा हो

- ऐसे मरीज जिनको बेकाबू डायबिटीज हो या हाइपरटेंशन हो

- कैंसर से ठीक हुए व्यक्ति

- जिन लोगों को गुर्दे/हृदय/फेफड़े या लीवर की पुरानी बीमारी हो

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ILBS के डायरेक्टर एस के सरीन ने आजतक को बताया कि प्लाज्मा बैंक में 8 मशीन हैं और एक मशीन में 6 डोनर प्लाज़्मा दे सकते हैं. प्लाज़्मा बैंक में एक साथ 40 लोगों के प्लाज़्मा डोनेट करने की व्यवस्था की गई है. अगर डोनर की संख्या बढ़ती है तो प्लाज़्मा निकालने वाली मशीन की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है.

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उन्होंने कहा कि ILBS में काफी बड़ी क्षमता है. प्लाज़्मा बैंक में 300 प्लाज़्मा स्टोर कर सकते हैं. हालांकिं बैंक में प्लाज़्मा जितना बढ़ेगा उतना अधिक यहां स्टोर करने की क्षमता अस्पताल के पास है.

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