ऑटोमेटेड डोर, ऑब्सट्रक्शन अलार्म के बावजूद कैसे मेट्रो ट्रेन के गेट में फंसकर हुई महिला की मौत? जांच टीमें तलाश रही इन सवालों के जवाब

दिल्ली के इंद्रलोक स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन के गेट में फंसकर महिला की मौत आखिर कैसे हो गई. मेट्रो में ऑटोमेटेड डोर, ऑब्सट्रक्शन अलार्म होते हैं, उसके बावजूद कैसे ये घटना हुई, जांच टीमें इन सवालों के जवाब तलाश रही हैं.

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दिल्ली मेट्रो (फाइल फोटो) दिल्ली मेट्रो (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

दिल्ली मेट्रो के कोच में एक महिला की साड़ी फंस गई थी, जिसकी वजह से वह पटरी पर गिरी थी. इस घटना में 35 वर्षीय महिला के ब्रेन और चेस्ट में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से कहा गया कि वह मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CMRS) द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. इसकी जांच में जुटीं टीमें कई सवालों के जवाब तलाश रही हैं. 

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DMRC ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी संभावित कमियां सामने आएंगी, उनमें सुधार किया जाएगा. अधिकारियों ने कहा कि CMRS के द्वारा घटना के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.  

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दिल्ली मेट्रो के गेटों में क्या हैं सुविधाएं? 

एमआरसी ने कहा कि मेट्रो गेट में सुरक्षा तंत्र समेत कई सुरक्षा सुविधाएं पहले से ही मौजूद हैं, जो किसी भी बाधा का सामना करने पर एक्टिव हो जाती हैं. एक अधिकारी ने बताया, "मेट्रो गेट अपने खुलेंगे और तीन बार बंद करने का प्रयास करेंगे. अगर तीन प्रयासों के बाद भी गेट बंद नहीं हो पाते हैं तो दरवाजे खुले रहेंगे और उन्हें बंद करने के लिए स्टेशन नियंत्रक या ट्रेन ऑपरेटर से मैन्युअल हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी. हालांकि अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना में सिस्टम विफल रहा है. 

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इन मेट्रो स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन दरवाजे 

डीएमआरसी के पास किसी भी संभावित घटना के बारे में ट्रेन ऑपरेटर को सचेत करने के लिए कोचों के अंदर यात्री आपातकालीन अलार्म (PEA) बटन भी हैं. दिल्ली मेट्रो के तीसरे फेज में डीएमआरसी ने येलो लाइन पर छह मेट्रो स्टेशनों के साथ-साथ पिंक और मैजेंटा लाइनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन दरवाजे (PSD) भी पेश किए. इसमें बिजी राजीव चौक मेट्रो स्टेशन भी शामिल है. इसके अलावा येलो लाइन स्टेशन कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय हैं.  

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अधिकारी ने आगे कहा कि ट्रेनों को दैनिक, साप्ताहिक और अन्य अनिवार्य आवधिक रखरखाव जांच से भी गुजरना पड़ता है, जिसके बाद ही उन्हें सर्विस के लिए भेजा जाता है. 

इस घटना में पीड़ित परिवार के करीबी लोगों ने मृतका के बच्चों को मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के लिए मुंडका से पीरागढ़ी की ओर जाने वाले रास्ते पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे ट्रैफिक बाधित हुआ. इलाके में करीब एक घंटे तक लंबा ट्रैफिक जाम रहा. अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी वहां से गए.  

वहीं बाहरी डीसीपी जिमी चिरम ने कहा कि मृतक महिला के परिवार के लोगों ने मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास रोहतक रोड पर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसकी वजह से करीब एक घंटे तक ट्रैफिक बाधित रहा. वे करीब 25 मिनट के बाद चले गए थे. ये पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था.  

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मृतका के दो बच्चे, सब्जी बेचकर करती थी गुजारा 

बता दें कि बीते गुरुवार को इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर यह हादसा हुआ था, जब 35 वर्षीय महिला रीना देवी मेट्रो कोच के दरवाजे में साड़ी फंस जाने के बाद पटरियों पर गिर गई और उन्हें प्लेटफॉर्म पर कई मीटर तक घसीटा गया. इसके बाद रीना को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार को उनकी मौत हो गई.  

रीना देवी के पति की करीब आठ साल पहले ही मौत हो चुकी है. उनके दो बच्चे हैं- एक 10 साल का बेटा और 12 साल की बेटी. रीना सब्जियां बेचकर अपने बच्चों को पाल रही थीं.

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